Muslim Population in Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासत गरमा गई है. राज्य में करीब 2.31 करोड़ मुस्लिम वोटरों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है. किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया जैसे मुस्लिम बाहुल्य जिलों में AIMIM समेत कई दलों की नजर टिकी है.
1/8चुनाव आयोग ने सोमवार (6 अक्टूबर) को बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया. करीब चार दशक बाद बिहार में दो चरणों में मतदान होगा. इससे पहले साल 2020 में प्रदेश की 243 सीटों पर तीन चरणों में वोटिंग हुई थी. हालांकि, इस बार सत्तारूढ़ बीजेपी और जेडीयू ने दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की थी.
2/8बिहार में चुनावी बिगुल बजते ही सियासी दलों में रस्साकशी शुरू हो गई. मतदाताओं को रिझाने के लिए सारे हथकंडे अपनाएं जा रहे हैं. बिहार की सियासत में जातीय समीकरण काफी मायने रखते हैं. बिहार में सेक्यूलर दलों के साथ दक्षिणपंथी पार्टियां की नजर मुस्लिम वोट बैंक पर है. प्रदेश की सभी 38 जिलों में 2.30 करोड़ मुसलमानों की आबादी की भूमिका काफी निर्णायक है.
3/8बिहार के कई जिलों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं. बिहार की 2023 जातीय जनगणना (जाति आधारित सर्वे) में राज्य स्तर पर मुस्लिम आबादी कुल जनसंख्या का 17.7 फीसदी (लगभग 2.31 करोड़) है. इस रिपोर्ट में जिलेवार मुसलमानों के आंकड़े ऑधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए हैं.
4/8साल 2011 की जनगणना में जिलेवार मुसलमानों की आबादी को स्पष्ट है. बिहार की कुल जनसंख्या 2011 में 10.41 करोड़ थी, जिसमें से मुस्लिम आबादी 17.55 फीसदी (लगभग 1.83 करोड़) थी. हालांकि, अब बीते 13 सालों में मुसलमानों की आबादी बढ़कर 2.31 करोड़ पहुंच गई है.
5/8साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, बिहार में किशनगंज जिला मुस्लिम आबादी के लिहाज से पहले नंबर पर है. यहां की 67.98 फीसदी आबादी मुसलमानों की है. कटिहार मुस्लिम आबादी के मामले में राज्य में दूसरे नंबर पर है, यहां पर 44.46 फीसदी मुस्लिम आबादी है. इसी तरह अररिया में 42.95 फीसदी मुस्लिम हैं.
6/8इसी तरह पूर्णिया में 38.46 फीसदी मुस्लिम आबादी है. पिछले चुनाव में AIMIM ने सीमांचल यानी किशनगंज और पूर्णिया में पांच सीटों पर जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था. इस बार भी AIMIM की इन्हीं मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर नजर और वह रिकॉर्ड बेहतर करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है.
7/8मुस्लिम आबादी के मामले में दरभंगा 6वें स्थान पर है, जहां 22.83 फीसदी मुस्लिम आबादी है. इसके बाद सीतामढ़ी में 21.62 फीसदी, मधुबनी में 19.12 फीसदी, सुपौल में 17.65 फीसदी, सीवान में 17.62 फीसदी, भागलपुर में 17.68 फीसदी, समस्तीपुर में 14.94 फीसदी, मुजफ्फरपुर में 15.90 फीसदी और पटना में महज 8.87 फीसदी मुसलमान रहते हैं.
8/8बिहार में सबसे कम शेहर जिले में मुस्लिम आबादी है, यहां महज 3.09 फीसदी आबादी हैं. सबसे कम मुस्लिम आबादी के मामले में कैमूर 5.08 फीसदी के बाद दूसरे, बक्सर 6.17 फीसदी, भोजपुर 7.27 फीसदी और रोहतास में 7.39 फीसदी मुस्लिम आबादी है. इनमें से शेहर जिले में मुस्लिम घनत्व भी सबसे कम दर्ज किया गया है.