मुसलमानों को क्यों नहीं पहनना चाहिए टखनों से नीचे कपड़ें, जानें इस्लामिक कनेक्शन

Written ByTauseef Alam
Published: Jul 11, 2025, 09:02 PM IST|Updated: Jul 11, 2025, 09:02 PM IST
इस्लाम में पहनावा सिर्फ़ दिखावे का मामला नहीं है, बल्कि इसे इबादत और नैतिकता का एक हिस्सा माना जाता है. जब मौलाना या धार्मिक लोग टखनों से ऊपर पायजामा पहनते हैं, तो यह सिर्फ़ एक परंपरा नहीं, बल्कि पैगंबर मुहम्मद (SAW) की सुन्नत का पालन है.

Islamic Dress Code: इस्लाम में पहनावा सिर्फ़ दिखावे का मामला नहीं है, बल्कि इसे इबादत और नैतिकता का एक हिस्सा माना जाता है. जब मौलाना या धार्मिक लोग टखनों से ऊपर पायजामा पहनते हैं, तो यह सिर्फ़ एक परंपरा नहीं, बल्कि पैगंबर मुहम्मद (SAW) की सुन्नत का पालन है. इस्लामी शरिया सफ़ाई, शालीनता और घमंड से परहेज़ का निर्देश देता है, जो कपड़ों के ज़रिए भी ज़ाहिर होता है. टखनों से ऊपर पायजामा पहनना हदीसों के पालन, पवित्रता और धार्मिक पहचान की रक्षा का प्रतीक माना जाता है.