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Ayodhya Ram Mandir Flag hoisting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर पर धर्म ध्वाज फहराने का विरोध शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी के नेता और संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क ने राम मंदिर पर एक प्रधानमंत्री द्वारा धर्म ध्वाजा फहराने पर आपत्ति व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि भारत एक संवैधानिक और लोकतांत्रिक मुल्क है, धार्मिक राष्ट्र नहीं.
सांसद जिया उर रहमान बर्क ने संवैधानिक पदो पर बैठे नेताओं और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी को याद दिलाते हुए नसीत दी. उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करें.
सांसद जिया उर रहमान बर्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसी एक धर्म विशेष को संदेश देने से राजनीतिक लाभ तो मिल सकता है, लेकिन इससे देश को किसी भी प्रकार का फायदा नहीं हो सकता. साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे जागरूक रहें और अपने अधिकारों, हितों को समझें. सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि धर्म सभी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन देश का अगुवा हर धर्म और समुदाय को साथ लेकर चलेगा तभी देश मजबूत होगा.
सांसद बर्क ने कहा कि एक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी पूरे देश को लेकर है. साथ ही प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह देश के सभी धर्म और समुदायों का सम्मान करें. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि धार्मिक स्थलों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई. प्राण प्रतिष्ठा के कुछ समय बाद राम मंदिर के दर्शन के लिए आम आदमी के लिए खोल दिया गया. लेकिन राम मंदिर का निर्माण अभी मुकम्मल नहीं हुआ था, अब राम मंदिर मुकम्मल तौर पर बन चुका है, इसी कड़ी में राम मंदिर पर धर्म ध्वाज फहराया जा रहा है.