Professor Mahmudabad: ऑपरेशन सिंदूर पर सोशल मीडिया पोस्ट करने के मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Professor Mahmudabad: ऑपरेशन सिंदूर पर एक ट्विट करने के मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली महमूदाबाद के खिलाफ हरियाणा में दो मुकदमे दर्ज करवाए गए थे, जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने प्रोफेसर महमूदाबाद को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी. इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में बीते 23 अगस्त को सुनवाई हुई है. इस सुनवाई में प्रोफेसर महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट से काफी राहत मिली है.
सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर महमूदाबाद पर दर्ज दो मामलों में से एक में मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी गई है, जबकि दूसरे मुकद्दमें में चार्जशीट दाखिल की गई है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर महमूदाबाद को राहत देते हुए उस FIR को ही खारिज कर दिया, जिसमें क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट पर फिलहाल मजिस्ट्रेट को कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए मजिस्ट्रेट को इस मामले में फिलहाल कोई कार्रवाई करने पर रोक लगा दिया है.
गौरतलब है कि अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था. उस सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे और हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने प्रोफेसर महमूदाबाद पर एक FIR दर्ज करवा दी और दूसरी FIR एक गांव के सरपंच ने करवा दी थी.
हालांकि 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर महमूदाबाद को अंतरिम जमानत दे दी थी. इस जमानत के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें लगाई थीं, जिसमें एक शर्त यह थी कि पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रोफेसर महमूदाबाद कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे.