Protest Against Delhi car blast: दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. साथ ही यह संदेश दिया कि आतंकवाद का धर्म से कोई रिश्ता नहीं होता है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Protest Against Delhi car blast: दिल्ली के लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद देश भर में मुस्लिम समाज खासकर कश्मीरी युवकों को टारगेट किया गया. सोशल मीडिया पर इस धमाके के लिए पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा किया गया. हालांकि हमेशा की तरह इस हमले में भी मुस्लिम समाज के लोगों की मौत हुई. इसी कड़ी में उत्तर प्रेदश के मुसलमानों ने आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बीते 16 नवंबर को पासमांदा मुस्लिम के लोगों ने दिल्ली में हुई आतंकी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और पुतले जालाकर आक्रोश व्यक्त किया. मुजफ्फरनगर शहर के अहिल्या बाई चौक पर हिंदुस्तानी पसमांदा मंच से जुड़े मुसलमान इकट्ठा हुए और आतंकवाद का विरोध किया, जिससे यह साबित होता है कि मुस्लिम समाज से आतंकवाद का कोई रिश्ता नहीं है.
प्रदर्शनकारी मुसलमानों के हाथों में आतंकवाद विरोधी स्लोगन वाले तख्तियां और बैनर थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खूब नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी मुसलमानों ने कहा कि देश किसी भी प्रकार की आतंकवाद और आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद है, इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई, क्योंकि पाकिस्तान भारत में आतंकवाद को एक्सपोर्ट करता है. प्रदर्शनकारी मुसलमानों ने कहा कि आतंकवाद मानवता के विरुद्ध है.
दिल्ली हमले पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि इस हमले की जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए. प्रदर्शनकारियों ने देश की एकता और अखंडता को बचाए रखने के लिए सभी समुदायों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का अह्वान किया है.
गौरतलब है कि दिल्ली लाला किला मैट्रो स्टेशन के नजदीक हुए कार ब्लास्ट में लगभग 11 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल थे. वहीं, हमले में 20 अन्य लोग घायल हैं.