Waqf Law 2025: वक्फ संशोधन एख्ट के खिलाफ दरभंगा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलुस निकाला है. लोगों का कहना है कि यह काला कानून है, सरकार इसे वापस ले, नही तो CAA,NRC की तरह चौक चौराहो पर तंबू गारकर बैठेंगे. सरकार जानबूझकर संविधान के साथ छेड़छाड़ कर रही है, जो कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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Waqf Law 2025: वक्फ कानून के खिलाफ हिन्दुस्तान में मुखालिफत जारी है. अब बिहार के दरभंगा जिले में भी वक्फ संसोधन बिल के खिलाफ शानिवार यानी की 12 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर गए है. मदरसा हमीदिया से एक जुलुस निकला है, जिसमे बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए हैं.
दरभंगा में वक्फ बिल के खिलाफ निकले इस जुलुस में मुस्लिम महिलाये भी बड़ी संख्या में शामिल हुई है. कई ऑर्ग्रेनाइजेशन के लोग अपने हाथो में बैनर और पोस्टर लेकर सड़को पर निकले और वक्फ कानून को काला कानून बताते हुए इसे सरकार से वापस लेने की मांग की है. जुलुस में केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों ने जमकर नारा लगाया है.
सरियत में सरकार की दखलंदाज़ी बर्दास्त नहीं
जुलुस दरभंगा के मदरसा हमीदिया किलाघाट से जिला मुख्यालय लहेरियासराय तक निकाला गया है. बाद में जुलुस सभा में तब्दील हो गया, जहां लोगों ने सभा को सम्बोधित करते हुए नए वक्फ की खामिया लोगों को बताई हैं. सभा में कहा, "इस बिल के बहाने सरकार मुसलमानो की जमीं को हड़पना चाहती है. सरियत में सरकार की दखलंदाज़ी किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएगी. अगर वक्फ बिल वापस नहीं लिया गया तो आगे CAA और NRC जैसा आंदोलन किया जाएगा."
CAA और NRC जैसा आंदोलन - नाजिया हसन
इस प्रदर्शन में दरभंगा की उप महापौर नाजिया हसन भी शामिल थी. उन्होंने बताया, "वक्फ बिल काला कानून है. यह संविधान के साथ छेड़छाड़ है. सरकार नए-नए कानून लाकर लोगो को तंग और परेशान कर रही है. इसके खिलाफ हमलोग सड़क पर उतर मुखालफ्त कर रहे है. सरकार से चाहते हैं की इसे बिल पर स्टे लगाए और इस काले कानून को वापस ले." उन्होंने यह भी बताया है कि अगर कानून वापस नहीं लिया गया तो वे लोग आगे CAA और NRC जैसा आंदोलन करेंगे. वक्फ के खिलाफ महीनों तक सड़क पर बैठ कर प्रोटेस्ट करेंगे. लेकिन, इस कानून को सहन नहीं करेंगे.
कानून वापसी की मांग
प्रदर्शन में शामिल हुए नफीसुल हक़ रिंकू ने बताया सभी लोग नए वक्फ कानून के खिलाफ है. रिंकू ने कहा, "लोग इसके खिलाफ सड़क पर है. हमलोग संविधान को मानने वाले लोग है. देश में अमन चैन और शांति से रहने वाले लोग है. लेकिन, सरकार इसे तोड़ने में लगी है. एक समुदाय को केंद्र सरकार टारगेट करती है यह ठीक नहीं है. सरकार इस काले कानून को वापस ले यह हमारे शरीयत का मामला है."
वक्फ की जमीन गरीबों की जमीन
इस जुलुस में शामिल एक महिला फूलो ने कहा, "मोदी जी मुस्लिम औरतों को अपनी बहन कहते हैं और बोलते हैं कि मैं उनके लिए कानून लाता हूं. आप बताइए आपके कौन से कानून से हम लोगों को फायदा हो रहा है. हमे ये कानून नहीं चाहिए ,नहीं चाहिए ,नहीं चाहिए. हम यही जिएंगे हम यही मिटेंगे. हमें काला कानून नहीं चाहिए. हम बच्चों को छोड़कर इस धूप में आए हैं क्या भाई ऐसा होता है, सरकार भड़काने का काम कर रही है. यह वक्फ की जमीन गरीबों की जमीन है.
वहीं जुलुस में मौजद एक और महिला आणिका ने कहा, "सरकार कान को बहरा मत बनाए. हमारी बातों को सुनिए नहीं तो अगर महिला जागेगी तो फिर छोड़ेगी नहीं. इसलिए जल्द से जल्द काला कानून को सरकार वापस ले.