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Pune: कारगिल जंग के सैनिक हकीमुद्दीन का घर भीड़ ने घेरा, भारतीय होने के मांगे सबूत

Pune में बजरंगदल की एक हरकत पर थू-थू हो रही है. कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक हकीमुद्दीन शेख के परिवार का आरोप है कि बजरंगदल के लोग उनके घर में देर रात घुसे और उनके साथ 80 लोगों की भीड़ थी. वह उनसे नागरिकता का सबूत मांगने लगे.

Pune: कारगिल जंग के सैनिक हकीमुद्दीन का घर भीड़ ने घेरा, भारतीय होने के मांगे सबूत

Pune: महाराष्ट्र के पुणे से बजरंगदल ने ऐसा काम किया है, जिससे पुरे संगठन की थू-थू हो रही है. इलाके चंदननगर इलाके में कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक हकीमुद्दीन शेख के घर में भीड़ घुसी और परिवार से भारतीय नागरिक होने का सबूत मांगने लगी. परिवार का आरोप है कि भीड़ में बजरंग दल के मेंबर और कुछ सादी वर्दी में पुलिसकर्मी शामिल थे. ये मामला पेश आने के बाद पूरे देश में इस संगठन की हरकत की मज़म्मत हो रही है.

क्या है पूरा मामला?

यह घटना शनिवार रात करीब 11:30 बजे की है. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया जैसे वह अवैध प्रवासी हों. उन्हें बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहकर बेइज्जत किया गया. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जो काम पुलिस का है वह हिंदू संगठन क्यों कर रहे हैं? ऐसे संगठनों के कानून हाथ में लेने पर सरकारें शांत क्यों रहती हैं?

130 साल की देश की सेवा

सेना के पूर्व सैनिक हकीमुद्दीन शेख के भाई इरशाद शेख ने कहा, "हमें भारतीय होने पर गर्व है. हमारे परिवार के सदस्यों ने, हमारे पूर्वजों से लेकर अब तक, अलग-अलग पदों और सेवाओं में 130 सालों तक देश की सेवा की है, और फिर भी, हमारे साथ हमारे ही घर में अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया."

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उन्होंने आगे कहा,"करीब 70-80 लोगों की भीड़ थी. हमने आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र दिखाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और घर में अफरा-तफरी मच गई. कुछ लोग सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी लग रहे थे. उन्होंने बताया कि हमने जब आधार कार्ड दिखाया तो उन्होंने इसे फर्जी बताकर धमकाना शुरू कर दिया. 

खुद को बता रहे थे बजरंगदल मेंबर

हकीमुद्दीन के भतीजे शमशाद शेख ने कहा,"रात करीब 11:45 पर दरवाजा जोर-जोर से पीटा गया. 5-7 लोग घर में घुस आए, और पूरी भीड़ करीब 80 लोगों की थी. उन्होंने कहा कि तुरंत आधार कार्ड दिखाओ, वरना जान से मार देंगे. जब हमने आधार दिखाया तो उसे नकली बता दिया. उन्होंने खुद को बजरंग दल से बताया. सादी वर्दी में पुलिस भी थी, इसलिए पहचान नहीं पाए."

पुलिस ने क्या कहा?
हालांकि, पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिवार ने अपनी शिकायत में पुलिस की मौजूदगी का कोई आरोप नहीं लगाया है, और मौके पर पुलिस नहीं थी. उन्होंने बताया कि गैरकानूनी जमावड़ा करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सीनियर अधिकारी मौके पर गए थे और पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया गया है कि सभी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी. आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी." इस मामले में अभी बजरंगदल का कोई बयान नहीं आया है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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