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Maharashtra News Today: महाराष्ट्र में हिंदूवादी संगठन और सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी पार्टियां लगातार भारत की गंगा जमुनी तहजीब को तार-तार करने में जुटी हुई हैं. बीते दिनों पुणे स्थित ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा परिसर में एक मुस्लिम महिला के नमाज पढ़ने की वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी और सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ नेता भड़क गए. इस घटना के बाद महाराष्ट्र का सियासी पारा हाई हो गया.
ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा में मुस्लिम महिला के नमाज पढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बवाल खड़ा कर दिया. बीजेपी की राज्यसभा सांसद माधवी कुलकर्णी के अगुवाई में कई हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर प्रतीकात्मक शुद्धिकरण किया. इस दौरान माधवी कुलकर्णी और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने मौके पर गौमूत्र का छिड़काव करते हुए धार्मिक मंत्रोच्चारण किया.
पुणे के शनिवार वाड़ा किले में कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा नमाज अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद BJP की सांसद मेधा कुलकर्णी ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ इसके विरोध में शनिवार वाड़ा में मार्च किया। इतना ही नहीं उन्होंने उस जगह का गौमूत्र से… pic.twitter.com/xm4A6NiXCN
— Ashraf Hussain (@AshrafFem) October 20, 2025
बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों के इस विवादित रवैये को देखकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने बीजेपी के इस कदम को पिछड़ी सोच और अंधभक्ति का उदाहरण बताया. सचिन सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी की यह हरकत देखकर माथा पीटने का मन करता है. यह लोग देश को कहां ले जाना चाहते हैं? यह विरोध बेहद पिछड़ा और संकीर्ण सोच को दर्शाता है."
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि शनिवारवाड़ा हमेशा से सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का प्रतीक रहा है. उन्होंने पोस्ट में लिखा, "शनिवारवाड़ा में कभी मस्तानी भी रहती थीं. पेशवाओं ने ही कभी छत्रपति का झंडा उतारकर यूनियन जैक फहराया था. अगर आज कोई महिला वहां खुदा का नाम ले लेती है तो तुम्हें परेशानी होने लगती है. क्या किसी ने तुम्हें रोका है कि वहीं बैठकर ध्यान मत लगाओ?"
मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने पर बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों को आड़े हाथों लेते हुए सचिन सावंत ने कहा, "शनिवारवाड़ा कई मायनों में खास है. इस किले में पेशवा काल के कई दरगाह मौजूद हैं और पेशवाओं को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी." उन्होंने आगे कहा, "यहीं पर जौवान पेशवा नारायणराव की बेरहमी से हत्या हुई थी. आज भी पुणे के लोग कहते हैं कि 'काका, माला वाचवा' (काका मुझे बचाओ) की आवाजें वहां सुनाई देती हैं."
बीजेपी के शुद्धिकरण अभियान पर तंज कसते हुए सावंत ने लिखा, "अगर ईश्वर का नाम लेना ही अच्छा है तो तुम भी वहीं बैठकर 'राम राम' क्यों नहीं जपते? दरअसल, शनिवारवाड़ा में जितना कुछ घट चुका है, तुम्हारी तर्कशक्ति से तो पूरे वाड़े को गोमूत्र से धो देना चाहिए ताकि जनता समझ सके कि तुम्हारी सोच कितनी पिछड़ी और अंधविश्वासी है." वहीं, स्थानीय बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने बीजेपी राज्यसभा सांसद के शुद्धिकरण अभियान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी दूसरे समुदाय के महज नमाज पढ़ने से जगह अशुद्ध कैसे हो सकती है, बीजेपी के लोग सिर्फ अपनी सियासी रोटी सेंक रहे हैं.
देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री और बीजेपी के विधायक नितेश राणे ने शनिवारवाड़ा में शुद्धिकरण का बचाव किया. अक्सर अपने मुसलमानों के खिलाफ विवादित और हिंसा को उकसाने वाला बयान देने वाले नितेश राणे ने कहा, "शनिवारवाड़ा हमारी शौर्यगाथा का प्रतीक है. यह हिंदू समाज की आस्था का केंद्र है. अगर आप वहां नमाज पढ़ना चाहते हैं, तो क्या फिर हिंदू हाजी अली दरगाह में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ें तो आपको अच्छा लगेगा? क्या आपकी भावनाएं आहत नहीं होंगी? प्रार्थना वहीं करनी चाहिए जो उसके लिए निर्धारित स्थान हो."
नितेश राणे ने आगे कहा, "अगर हाजी अली में हनुमान चालीसा या महाआरती की जाए तो फिर किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए. अगर हिंदू कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज उठाई है, तो वह बिल्कुल सही है."