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Shalimar Garden Madarsa: ग़ाज़ियाबाद के थाना शालीमार गार्डन क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई है. दरअसल विक्रम एन्क्लेव में स्थित एक मदरसे में इजाजत के बिना निर्माण कार्य जारी था. जिसपर गाज़ियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सख्त कार्रवाई की है. जीडीए कार्रवाई करते हुए इमारत को सील कर दिया.अथॉर्टी की टीम ने मौके पर जाकर अवैध निर्माण का चालान भी किया.जीडीए अधिकारियों के मुताबि, मदरसे में निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के किया जा रहा था, जो कानून का उल्लंघन है. इस वजह से कानून के मुताबिक बिल्डिंग को सील किया गया है.
बीजेपी काउंसलर रवि भाटी ने किय सवाल
बीजेपी काउंसलर रवि भाटी ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए, कहा कि मदरसे में फॉरेन ओरिजिन के करीब 30 से 35 बच्चे रह रहे हैं. काउंसलर ने एक वीडियो जारी कर जिला प्रशासन से इस पहलू की गहराई से जांच की मांग की है.
यही नहीं काउंसलर के इल्ज़ाम को देखते हुए प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है.और जांच प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है. जीडी अधिकारी ने बताया बिल्डिंग नंबर 138 के चलते गैर कानूनी निर्मण किया जा रहा था. जिसके चलते सीलिंग की कार्रवाई की गई है,चालान भी किया गया है.मदरसे पर हुई इस कार्रवाई और विदेशी बच्चों के मुद्दे को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है. लोगों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.
स्थानीय लोगों का बयान
स्थानीय लोगों ने भी मीडिया से खास बातचीत की.और बताया कि यहां बाहर के काफी तादाद में बच्चे पढ़ने आते है. लोगों का कहना है कि उन्हें पता नहीं यह बच्चे कहां से आते हैं, कहां जाते हैं. ऐसे में कहीं ना कहीं मामला संदिग्ध लगता है. मदरसे की परमिशन भी ऑपरेटर के पास नहीं है. मदरसे में पढ़ने वाले मौलवी भी अपने आप को कारी और आलीम तक पढ़ाने वाले बताए.उन्होंने कहा कि सवा सौ के करीब बच्चे यहां पढ़ने के लिए आते हैं. इनमें से 20 से 25 बच्चे ऐसे हैं जो यहां रुक जाते हैं. ज्यादातर बच्चे दिल्ली के इलाकों के रहने वाले हैं. कुछ एक बच्चे ऐसे हैं जो की बिहार के हैं.परिवार अब यही रह रहा है. मदरसे से जुड़े लोग जीडी की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े करते हुए नजर आए.