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Railway on Halal Food: रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले नॉन-वेज खाने, खासकर हलाल मीट को लेकर उठ रहे सवालों पर आधिकारिक बयान जारी किया है. मंत्रालय ने साफ किया है कि रेलवे में परोसे जाने वाले मांस को हलाल प्रमाणित होना जरूरी नहीं है और इस संबंध में कोई निर्देश कभी जारी नहीं किया गया.
इससे पहले भी रेलवे में हलाल फूड परोसे जाने के मामले में काफी बवाल हुआ था. जुलाई 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से रेलवे में हलाल मीट परोसने को लेकर जानकारी मांगी गई थी, उस समय भी भारतीय रेलवे और IRCTC ने स्पष्ट जवाब दिया था कि रेलवे में नॉन-वेज भोजन (चिकन) केवल FSSAI और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत तय मानकों के अनुसार ही परोसा जाता है.
हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने रेल मंत्रालय को नोटिस भेजा है. शिकायत में कहा गया था कि ट्रेनों में केवल हलाल-प्रोसेस्ड मीट ही उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही अलग-अलग धर्म को मानने वालों का भी इसमें हवाला दिया गया था और कहा गया ताथा कि इससे उन लोगों को नुकसान हो रहा है जो दुकानदार हलाल मीट नहीं बेचते हैं. इस पर रेलवे प्रशासन ने दोहराया कि हलाल मीट को लेकर कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है.
रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेल सरकार के जरिए तय सभी मानकों का पालन करती है. कैटरिंग लाइसेंसधारकों और विक्रेताओं पर भी FSSAI के नियमों का अनुपालन करना जरूरी है. IRCTC ने भी साफ किया कि वह मंत्रालय के सभी दिशानिर्देशों का पालन करता है और अपनी सभी कैटरिंग सेवाओं में पूरी तरह FSSAI अनुपालन सुनिश्चित करता है.
रेलवे ने दोबारा ज़ोर देकर कहा कि उसके मेन्यू में हलाल मीट को लेकर कोई खास या अनिवार्य नीति लागू नहीं है और सभी खाने केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार ही परोसे जाते हैं.