Rajasthan में 2 दिनों के लिए मीट और उसके प्रोडक्ट्स को बैन किया गया है. मुस्लिम समाज इसका विरोध कर रहा है. आरोप है कि सरकार के जरिए भेदभाव वाला रवैया अपनाया जाता है.
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Rajasthan: राजस्थान सरकार ने आदेश जारी कर प्रदेश में 27 अगस्त और 6 सितंबर को नॉनवेज खाद्य सामग्री- मछली, अंडा और दूसरी मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर पाबंदी लगा दी हैय सरकार के इस फैसले से मुस्लिम समाज में आक्रोश पैदा हो गया है. बता दें, 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी और 6 सितंबर को गणेश विसर्जन है.
मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि सरकार समुदाय विशेष को टारगेट कर रही है. उनका आरोप है कि इस दौरान मुस्लिम समाज के भी त्योहार पड़ रहे हैं, ऐसे में नॉनवेज पर रोक लगाना सरासर गलत है. लोगों का कहना है कि अगर पाबंदी लगानी है तो शराब पर भी लगनी चाहिए, क्योंकि नशे की वजह से समाज को अधिक नुकसान हो रहा है. लेकिन गुटखा, जर्दा और शराब पर रोक नहीं लगाई गई, जबकि केवल नॉनवेज बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है.
लोगों का कहना है कि जब मुस्लिम त्योहार पड़ते हैं तो शराब पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई जाती है. रमजान के महीने में धड़ल्ले से शराब मिलती है.
लोगों ने यह भी कहा कि वे सरकार के फैसले का सहयोग करेंगे, लेकिन इस तरह के फैसले लगातार चलते रहे तो इससे छोटे कारोबारियों को दिक्कत होगी. जो व्यापारी और मजदूर नॉनवेज की बिक्री पर रोज़ाना की कमाई पर निर्भर रहते हैं, उनके लिए दो दिन का व्यापार बंद होना बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है.
समाज के लोगों का कहना है कि सरकार शराब और अन्य नशे की चीज़ों पर कार्रवाई नहीं करती, लेकिन नॉनवेज पर पाबंदी लगाकर एकतरफा कदम उठाया गया है. इसे पूरी तरह गलत और भेदभावपूर्ण करार दिया गया है.