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Rampur News Today: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से फ्रॉड का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी महिला जज और वकील ने एचएफडीसी बैंक में 35 लाख रुपये का लोन फर्जी तरीके से लेने की कोशिश की. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. मामले की आगे की जांच के लिए पुलिस की टीम भी जनपद रामपुर पहुंची
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (17 अक्टूबर) देर शाम एचएफडीसी बैंक के शाखा प्रबंधक अतुल द्विवेदी ने फर्जी महिला जज आयशा परवीन और वकील अनस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. आरोप है कि मुजफ्फरनगर के गांव दधेडू कलां की रहने वाली आयशा परवीन ने खुद को न्यायाधीश बताया और रामपुर में तैनात होने का झूठ बोला. उसके साथ आए बिजनौर के किशनवार निवासी वकील अनस ने खुद को जज का पेशगार बताया.
बैंक में लोन की प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए दस्तावेज़ संदिग्ध पाए जाने पर मामले की जांच की गई. शुरुआती जांच में जज का पहचान पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए. ऐसे में पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया.
शहर कोतवाली के एसएसआई सतेंद्र मलिक ने बताया कि गिरफ्तार होने के बाद आयशा परवीन बेहद परेशान हो गई. उसने पुलिस से कहा कि गलती हो गई, उसके परिवार को मत बताएं. उसकी मां बीमार हैं और पिता को अटैक हो जाएगा. हालांकि पुलिस ने उसके परिवार को जानकारी दे दी. शहर कोतवाली पहुंचे आरोपी की पिता बार-बार रोते रहे और उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटी असल में जज नहीं है.
बताया जा रहा है कि आयशा परवीन देहरादून में रहकर लॉ की पढ़ाई कर चुकी हैं और 2019 में उसने एमबीए भी किया. आयशा परवीन ने पीसीएस जे की परीक्षा भी दी थी, जिसमें वह फेल हो गई थीं. हालांकि, दिसंबर 2023 में पास होने का झूठी अफवाह फैलाई और जिसका परिवार ने खूब जश्न मनाया. उसकी कामयाबी की खबरें अखबारों में भी प्रकाशित हुई थीं.
पुलिस ने बताया कि आयशा परवीन जिस गाड़ी से बिजनौर पहुंची थी, उस पर जज का स्टीकर और बड़े अक्षरों में "न्यायाधीश" लिखा हुआ था. गाड़ी को पुलिस ने बरामद कर लिया है, जो उनके भाई के नाम पर पंजीकृत है. जांच में यह भी सामने आया कि आयशा ने रामपुर की पॉश कॉलोनी में 10 हजार रुपये मासिक किराए पर घर ले रखा था. घर में नौकरानी भी थी और वह खुद को जज बताकर परिचितों में रौब जमाती थीं. इस मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों के सभी दस्तावेजों और उनके कनेक्शन की छानबीन की जा रही है.