)
Ranchi Chhath Festival: बीजेपी शासित राज्यों में हिंदू संगठन किसी भी त्यौहार के दौरान दुकानदारों को अपनी दुकानों के आगे अपने नेम प्लेट लगाने के लिए मजबूर करते हैं. इसके अलावा, हिंदू संगठन हिंदुओं से मुस्लिम दुकानदारों से सामान न खरीदने की अपील भी कर रहे हैं. इस बीच, झारखंड की जनता ने इन संगठनों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. धर्मनिरपेक्षता की मिसाल कायम करते हुए रांची के लोगों ने मुस्लिम दुकानदारों से जमकर खरीदारी की है.
दरअसल, रांची में मुस्लिम दुकानदार सिर पर टोपी, चेहरे पर दाढ़ी और माथे पर सजदे के निशान लिए ये लोग बिना किसी भेदभाव के छठ के दौरान जरूरत की चीजें बेच रहे हैं. उन्होंने अपने ठेले पर कोई नेम प्लेट नहीं लगाई, और न ही इसकी जरूरत महसूस की. ये दुकानदार मानते हैं कि हमेशा से हमारे समाज में सभी धर्म के लोग मिलकर त्योहार मनाते रहे हैं.
हिंदू महिला ने लगा दी नफरत करने वालों की क्लास
इस मौके पर एक स्डूटेंट ने कहा, 'जब हमारा देश आजाद और धर्मनिरपेक्ष है, तो सभी को मिलकर पर्व मनाना चाहिए. लेकिन जिन जगहों पर हिंदू और मुसलमान को बांटने की कोशिश की जाती है ये उनके सोच का नतीजा है. जिसे ठीक नहीं किया जा सकता. वहीं स्थानीय महिला सुनीता देवी ने भी साफ किया है कि कोई हमें बांटने की कितनी भी कोशिश कर ले हम नहीं बटेंगे.
मुस्लिम दुकानदारों ने दिखाई दरियादिली
छठ बाजार में फलों की दुकान लगाने वाले मोहम्मद शम्सुद्दीन दशकों से ऐसा करते आ रहे हैं और उन्हें किसी से कोई दिक्कत नहीं है, न ही किसी और को. वे बताते हैं कि यह त्योहार पवित्रता का त्योहार है, इसलिए वे इसका खास ख्याल रखते हैं. वे उचित दामों पर फल बेचते हैं और अगर किसी के पास पैसे कम पड़ जाते हैं, तो वे उन्हें खरीद मूल्य से कम दाम पर बेचते हैं ताकि उनका त्योहार खराब न हो. फल विक्रेता समसुल कहते हैं कि कुछ लोग हमें बांटने की साजिश करते हैं, लेकिन हम सैकड़ों सालों से एक हैं और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता.