ASI Closed Lal Quila For Tourists: देश के दिल दिल्ली में बम विस्फोट की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. ऐतिहासिक लालकिला के ठीक सामने हुई इस घटना के बाद ASI का बड़ा ऐलान किया है. इसके तहत आम लोगों के लिए लालकिला के दरवाजे अगले तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे. ASI के इस फैसले से सरकार को हर रोज लाखों रुपये का नुकसान होगा, लेकिन विभाग का यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
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Lal Qila Blast Case: आजाद भारत के इतिहास में लालकिले का महत्व कई मायनों में खास है. लालकिला के आसपास और उसके अंदर भारत के गौरमयी इतिहास की कई महत्वपूर्ण चीजें संजो कर रखी गई हैं. इसी गौरमयी इतिहास का दीदार करने और ऐतिहासिक लालकिले के खूबसूरत पत्थरों को करीब निहारने से हर रोज बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं.
बीते शाम सोमवार (10 नवंबर) को एक कार में विस्फोट हो गया. आतंकियों ने इस वारदात को लालकिले के ठीक सामने अंजाम दिया. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. आतंकी घटना के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने लालकिला को आम लोगों के लिए तीन दिनों के लिए बंद कर दिया. ASI ने लोगों से अपील की है कि वह इस दौरान बेवजह लालकिला या उसके आसपास के इलाकों में न आएं.
वैसे तो लालकिले को भारत की प्रतीकात्मक पहचान माना जाता है. देश की आजादी के बाद हर साल प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से भारतवासियों को संबोधित करते हैं. लालकिले को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या देशी और विदेशी पर्यटक दिल्ली पहुंचते हैं. पर्यटकों की आवाजाही से सिर्फ लालकिले से हर साल सरकार को करोड़ों रुपये कमाई होती है. वहीं, अब आतंकियों की नापाक शाजिस ने अगले तीन दिनों तक ऐतिहासिक स्मारक को बंद करने के लिए मजबूर कर दिया.
इससे हर रोज विभाग को औसतन हर रोज 11 से 12 लाख रुपये का नुकसान होगा. इस रकम को देखकर लोगों के मन कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे. जैसे कि हर साल लालकिले को घूमने के कितने पर्यटक आते हैं. उनमें कितने देशी और कितने विदेशी हैं? हर रोज कितने पर्यटक आते हैं, जिससे लालकिला की कमाई 11 से 12 लाख तक पहुंच जाती है. आइये इन्हीं बातों को आंकड़ावार समझते हैं.
दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक लाल किले से टिकट बिक्री के जरिए होने वाली कमाई पर्यटकों की संख्या, मौसम और टिकट दरों पर निर्भर करती है. ASI और पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन राजस्व में उम्मीद के मुताबिक बढ़त नहीं दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह यह है कि आने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या देश के ही लोगों की होती है, जिनके टिकट की कीमत काफी कम सिर्फ 35 से 50 रुपये है.
साल 2023–24 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लाल किले से टिकट बिक्री के जरिए सालाना कुल कमाई 18.09 करोड़ दर्ज की गई. इस दौरान कुल 22.64 लाख पर्यटक लालकिले का दीदार करने पहुंचे, जिनमें 22.15 लाख घरेलू और महज 49 हजार विदेशी पर्यटक शामिल थे. इस आधार पर देखा जाए हर रोज औसतन 6,200 पर्यटक लालकिले में पहुंचे, जबकि रोजाना की औसत कमाई करीब 4.96 लाख रुपये रही.
वहीं, 2024–25 (अप्रैल से दिसंबर) के संभावित आंकड़ों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. अनुमान के मुताबिक इस अवधि में कुल 28.78 लाख पर्यटक लालकिले की खूबसूरती और उसके ऐतिहासिक वस्तुओं को करीब से देखने के लिए पहुंचे, जिनमें 27.94 लाख घरेलू और 0.84 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं. खास बात यह है कि पीक सीजन में प्रतिदिन 50,000 से ज्यादा लोग लाल किला देखने पहुंच रहे हैं, जिससे इस दौरान दैनिक कमाई 11 से 12 रुपये तक पहुंच जाती है.
कमाई के लिहाज से पीक और ऑफ-सीजन में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. अक्टूबर से मार्च के बीच पीक सीजन में रोजाना 10 से 15 लाख रुपये की आमदनी होती है, जबकि ऑफ-सीजन में यह आंकड़ा2 से 3 लाख प्रतिदिन तक सिमट जाता है.
2025 तक लागू टिकट दरों की बात करें तो घरेलू,सार्क, बीमस्टेक श्रेणी के पर्यटकों के लिए टिकट 35 से 50 रुपये है, जो सबसे ज्यादा खरीदा जाता है. वहीं विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की कीमत 550 रुपये है, जो राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है. इसके अलावा वीडियो कैमरा शुल्क 25 रुपये और लाइट एंड साउंड शो का टिकट 60 से 80 के बीच है, जिससे भी ASI की अतिरिक्त आमदनी हासिल होती है.
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