Mirwaiz Umar Farooq on Rotten Meat Case: श्रीनगर में बीते दिनों हजारों किलोग्राम सड़ा और संदिग्ध मांस मिलने के बाद मीरवाइज उमर फारूक का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने इसे हराम करार देते हुए धार्मिक, नैतिक और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताया और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की. मौलान मीरवाइज ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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Kashmir News Today: जम्मू कश्मीर को दुनिया का 'जन्नत' कहा जाता है. यहां पर हर साल बड़ी संख्या में दुनिया भर पर्यटक सैर सपाटे के लिए पहुंचते हैं और यहां स्थानीय खानों का आनंद लेते हैं. वहीं, अब हाल ही में सामने आए सड़े हुए और बिना लेबल वाले मांस (Meat) के घोटाले ने हड़कंप मचा दिया है.
शुक्रवार (8 अगस्त) को श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की खुत्बे में मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी उमर फारूक ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. मौलवी उमर फारूक ने कहा कि यह न सिर्फ सेहत के लिए खतरनाक है बल्कि धार्मिक और नैतिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ भी है.
दरअसल, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हाल ही में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से 3,500 किलोग्राम से ज्यादा सड़ा, संदिग्ध और बिना प्रमाणित मांस जब्त किया है. इस कार्रवाई के बाद कश्मीर में लोगों के बीच डर और नाराजगी का माहौल है. लोग मांस खरीदने से बच रहे हैं.
अपने संबोधन में मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, "लोगों को हराम या सड़ा हुआ मांस खिलाना बड़ा जुर्म है. यह न सिर्फ लोगों की सेहत से खिलवाड़ है, बल्कि धार्मिक आदेशों और सामाजिक भरोसे के साथ बड़ा और गंभीर धोखा है." उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, "इस गुनाह में शामिल लोगों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए."
मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. मीरवाइज ने कहा, "इतनी बड़ी मात्रा में सड़ा हुआ मांस बाजारों में कैसे पहुंचा और फिर दुकानों पर बिकता रहा? प्रशासन और निगरानी एजेंसियां क्या कर रही थीं? यह लापरवाही नहीं बल्कि जिम्मेदारी से भागना है." उन्होंने कहा, "यह सब कब से चल रहा था, किसी को अंदाजा भी नहीं है."
मीरवाइज उमर ने कहा कि इस घटना से लोगों के यकीन को गहरा धक्का लगा है और अब सरकार को तत्काल कड़ा एक्शन लेना चाहिए. उन्होंने मांग की कि पैकेटबंद मांस के लिए स्पष्ट लेबलिंग, हलाल सर्टिफिकेट और कोल्ड स्टोरेज की जानकारी जरुर दी जाए. मीरवाइज ने यह भी सवाल उठाया कि जब्त किया गया मांस किस जानवर का था? क्या यह इस्लामी कानून के मुताबिक हलाल था या फिर 'करियन' यानी मरा हुआ जानवर तो नहीं था, जिसे इस्लाम में खाना पूरी तरह हराम माना गया है.
मौलवी उमर फारूक ने कहा, "यह सिर्फ व्यापार में धोखाधड़ी नहीं बल्कि हमारी धार्मिक और नैतिक सीमाओं का भी उल्लंघन है. लालच के आगे नैतिकता को कुचल दिया गया है. यह हम सभी के लिए चेतावनी है, एक समाज और एक मुसलमान के तौर पर." उन्होंने इस घोटाले को उजागर करने वाले जागरूक नागरिकों की सराहना की और कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम सभी अपने समाज और व्यवस्था की खामियों पर गंभीरता से सोचें और उन्हें सुधारने की दिशा में काम करें.
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