Imran Masood on Waqf Amendment Bill: सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला. उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरएलडी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास) और टीडीपी के रवैये पर भी सवाल खड़े किए.
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Waqf Amendment Bill in Parliament: भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने आज सदन में वक्फ संशोधन बिल पेश किया. इस बिल को सदन में पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला. दूसरी तरफ वक्फ बिल पर छिड़ी गहमा गहमी के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सरकार से एक खास मांग की है.
एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वक्फ कोई प्रॉपर्टी या धार्मिक मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी वक्फ इसलिए की जाती है ताकि यह गरीबों, मिस्कीनों और यतीमों के काम आ सके. इसको लेकर अब लूट मची है कि इनको तबाह कर दो. सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि इनकी हमसे क्या दुश्मनी है कि ये हम लोगों को तबाह करने पर तुले हुए हैं.
वक्फ संसोधन बिल के लिए बनाई गई जेपीसी कमेटी के इमरान मसूद भी सदस्य थे. उन्होंने इस बिल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, "हमारे आबा-ओ-अजदाद ने इस मिट्टी को खून दिया और उन्होंने जंग-ए-आजादी की लड़ाई लड़ी." सांसद इमरान मसूद ने कहा, "हमारे आबा-ओ-अजदाद ने यह प्रॉपर्टी खड़ी की ताकि जो गरीब, यतीम, मिस्कीन और बेसहारा हैं, उन्हें सहारा मिल सके."
जब उनसे पूछा गया कि इस वक्फ में सिर्फ एक संशोधन हो रहा है तो इसमें आपत्ति क्या है? इस पर इमरान मसूद ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की 78 फीसदी वक्फ की प्रॉपर्टी को इन्होंने विवादास्पद कर दिया और जब विवाद हो गया तो वह प्रॉपर्टी वक्फ की नहीं रही. उन्होंने कहा कि जब तक विवाद चलेगा, तब उस प्रॉपर्टी की मालिक भारत सरकार रहेगी और वो तय कब होगा उसकी कोई समय सीमा नहीं है.
सरकार ने दावा किया है कि वक्फ की प्रॉपर्टी कुछ निजी हाथों में है, सरकार इसी को बदलना चाहती है? इस सवाल पर सहारनपुर कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस बिल के जरिये तो सरकार ने रास्ता खोल दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने इसमें प्रावधान कर दिया जो पहले संज्ञेय अपराध था वह अब गैर जमानती कर दिया. इसमें पहले सजा का प्रावधान था, लेकिन अब नहीं है. इससे किसी में डर भी नहीं होगा, सरकार ने लिमिटेशन एक्ट भी हटा दिया.
सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "लिमिटेशन एक्ट नहीं होने से कोई भी जाकर दावा ठोंक देगा वक्फ की प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक का." उन्होंने कहा कि वक्फ में 22 सदस्य होंगे और उसमें 12 से अधिक गैर मुस्लिम होंगे. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या उन्हें वक्फ के बारे में कुछ पता है. वक्फ के संशोधन पर वसाल खड़े करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि सरकार कहती है कि सिर्फ लिखित होगा, अब अगर किसी व्यक्ति को जिंदगी के आखिरी वक्त में वक्फ का ख्याल आया, वह वक्फ करना चाहता है. इच्छुक ने दो गवाहों के सामने वक्फ कर दिया, लेकिन सरकार नहीं मानेगी इस वक्फ को.
वक्फ में गैर मुस्लिमों की नियुक्ति के विरोध के सवाल पर सांसद इमरान मसूद ने कहा, "मुझे राम मंदिर ट्रस्ट के अंदर नियुक्त कर दिया जाए. मैं भी राम जी का वंशज हूं." उन्होंने आगे कहा, "अगर राम जी का वंशज नहीं हूं तो बताएं मुझे कि मैं नहीं हूं." कांग्रेस सांसद ने कहा, "कोई मुझे साबित कर दे कि मैं राम जी का वंशज नहीं हूं, लेकिन मैं भी साबित कर दूंगा कि मैं राम जी का वंशज हूं."
वक्फ संशोधन बिल पर सदन में एनडीए में शामिल आरएलडी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास) और टीडीपी ने समर्थन देने का ऐलान किया है. इन कथित सेक्यूलर दलों के वक्फ बिल का समर्थन करने पर इमरान मसूद ने चेतावनी देते हुए कहा कि चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी को अगर मुसलमानों का वोट चाहिए तो साथ खड़े हो जाइये, वर्ना मुसलमान कभी माफ नहीं करेगा. यह मुसलमानों का सबसे अहम मसला है, इससे बड़ा मसला नहीं हो सकता है.
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