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दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं और बच्चों के प्रवेश पर रोक लगाई, जानें क्या है वजह?

Darul Uloom Deoband Guidelines: दारुल उलूम देवबंद ने बीते दिनों दिनों छात्रों के स्मार्टफोन पर पाबंदी लगा दिया था. प्रबंधन के इस फैसले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. एक बार फिर दारुल उलूम देवबंद सहारनपुर ने महिलाओं और बच्चों को लेकर बड़ा आदेश दिया है.

 

दारुल उलूम देवबंद- फाइल फोटो
दारुल उलूम देवबंद- फाइल फोटो

Saharanpur News Today: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित दारुल उलूम देवबंद प्रबंधन ने एक बार फिर छात्रों के एडमिशन और परीक्षाओं को देखते हुए महिलाओं और बच्चों के दारुल उलूम में प्रवेश पर रोक लगा दी है. दारुल उलूम प्रशासन ने सभी विजिटरों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों और महिलाओं को साथ लेकर न आएं. दारुल उलूम परिसर के बाहर इसको लेकर एक नोटिस भी चस्पा किया गया है.

दारुल उलूम देवबंद में छात्रों के एडमिशन और परीक्षाओं को देखते हुए प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. दारुल उलूम में बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश लेने और परीक्षा देने के लिए आ रहे हैं, जिसकी वजह से परिसर में भारी भीड़ हो रही है. भीड़ को नियंत्रित करने और छात्रों की सुविधा के लिए, दारुल उलूम ने छोटे बच्चों और महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई है.

नोटिस में क्या है?

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दारुल उलूम देवबंद प्रशासन की तरफ से नोटिस में लिखा है, "दारुल उलूम की जियारत के लिए आने वाले सभी सम्मानित मेहमानों से निवेदन है कि अपने साथ महिलाओं को दारुल उलूम न लाएं, क्योंकि इस समय पूरे देश से बड़ी संख्या में छात्र दारुल उलूम में दाखिले के लिए आए हुए हैं और प्रवेश परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं. इसलिए यह फैसला लिया गया है कि महिलाओं और छोटे बच्चों को दारुल उलूम में आने से रोका जाए."

स्मार्टफोन पर लगी रोक 

बता दें, कुछ दिन पहले दारुल उलूम देवबंद ने छात्रों के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें छात्रों के स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई थी. स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगने की खबर ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. बाद इस फैसले पर मौलाना कारी इसहाक गोरा ने स्पष्टीकरण दिया था.

मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने इस फैसले पर बात करते हुए बताया था कि स्मार्टफोन पर पाबंदी का उद्देश्य छात्रों को किताबों से जोड़ना और उन्हें बाहरी ध्यान भटकाने वाली चीजों से बचाना है. उन्होंने कहा था कि हम चाहते हैं कि बच्चे पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और स्मार्टफोन से मिलने वाली व्याकुलता से बचें.

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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