सपा नेता आज़म खान ने ऐसा क्यों कहा, "रोएंगे नहीं तो, मुस्कुरा भी नहीं पाएंगे हमारी दास्ताँ सुनने वाले"

SP leader Azam Khan Interview: सपा नेता मोहम्मद आज़म खान का 50 सालों का सियासी करिअर है. वो रामपुर के एक ही विधानसभा सीट से 10 बार विधानसभा और एक बार ससंद के सदस्य चुने गए हैं. लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद उनका सियासी, समाजी, निजी और पारिवारिक ज़िन्दगी बिखर सी गई है. उनपर 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. हाल में वो 23 माह जेल में गुज़ारने के बाद ज़मानत पर रिहा हुए हैं. विभिन्न मुद्दों पर आज़म खान से सलाम टीवी की वरिष्ठ संवाददाता शबनम हसन ने लंबी बातचीत की है. यहाँ पेश है इस इंटरव्यू के कुछ ख़ास अंश...

सपा नेता आज़म खान ने ऐसा क्यों कहा, "रोएंगे नहीं तो, मुस्कुरा भी नहीं पाएंगे हमारी दास्ताँ सुनने वाले"
Image Credit: आजाम खान के साथ शबनम हसन Source: ज़ी न्यूज़ डेस्क

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Hussain Tabish

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हुसैन ताबिश Zee News  में एसोसिएट न्यूज़ एडिटर हैं.वो Salaam TV और JK & Ladakh TV के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की टीम को लीड करते हैं. उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर ख़बरों से खेलने का लगभग 18 सालों का अनुभव है. Zee से पहले वो HT Media, Amar Ujala, Prasar Bharti, Raj Express, Forward Press, Mahanagar Media Network Ltd, BIG Pvt. Ltd. और 'देशबंधु' अखबार जैसे संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर संपादन की भूमिका निभा चुके हैं. वह भारत सरकार के ICSSR-फंडेड मीडिया रिसर्च प्रोजेक्ट में रिसर्च एसोसिएट रह चुके हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली विधान सभा चुनावों के पहले ओपिनियन पोल सर्वे का अनुभव है. बिहार में मुस्लिम महिलाओं में शिक्षा का निम्न स्तर, अकुशल मजदूरों के पलायन और इंसेफेलाइटिस पर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें फेलोशिप मिल चुका है. जर्नलिज्म में एम.फिल और पी.एचडी की शिक्षा प्राप्त हुसैन ताबिश एक पत्रकार के अलावा मीडिया शोधार्थी, शिक्षक और प्रशिक्षक भी हैं, फिर भी वो खुद को हमेशा जर्नलिज्म का इंटर्न मानते हैं. राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी, सोशल जस्टिस और माइनॉरिटी इश्यूज उनके प्रिय विषय हैं.(उनतक पहुँचने का पता mohammad.tabish@India.com

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