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Sambhal Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अलग-अलग इलाकों में अवैध कंस्ट्रक्शन को गिराने के लिए बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. इसी क्रम में मंगलवार को संभल जिले में भी प्रशासन ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की. सेदांगली-मनोटा रोड पर मौजूज श्री कल्कि धाम से थोड़ी दूरी पर प्रशासन ने करीब 30 साल पुरानी एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाया है.
नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने बताया कि लेखपाल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ऐंचोदा कम्बोह गांव में मौजूद यह मस्जिद पब्लिक पार्क की जमीन पर अवैध तौर पर बनाई गई थी. रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने इस मस्जिद को गिराने की कार्रवाई की है.
यसंभल में कल्कि धाम से 150 मीटर दूर बनी 35 साल पुरानी मस्जिद ढहा दी गई। प्रशासन के अनुसार, ये मस्जिद अवैध थी और ख़ास बात ये है की 145 करोड़ के आबादी वाले देश में सिर्फ़ मस्जिद ही अवैध है बाक़ी सब वैध है।@asadowaisi pic.twitter.com/lu7foKeUzP
— Karishma Aziz (@KarishmaAziz_) October 15, 2025
उन्होंने बताया कि मस्जिद लगभग एक हेक्टेयर जमीन में से 262 वर्गमीटर भूमि पर बनी थी, जो ग्राम समाज के पब्लिक पार्क के नाम पर दर्ज है. इस मस्जिद को 'छोटी मस्जिद' के नाम से जाना जाता था. लेखपाल ने इस संबंध में 11 जून को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद तहसीलदार की अदालत ने 24 सितंबर को बेदखली का आदेश जारी किया था. आदेश के बाद मंगलवार को अवैध निर्माण को पूरी तरह तोड़ दिया गया.
क्षेत्राधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है.
अधिकारियों के अनुसार, सेदांगली-मनोटा गांव में पार्क की जमीन पर करीब 262 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद बनाई गई थी. लगभग 20 दिन पहले तहसीलदार ने बेदखली का आदेश जारी किया था. अदालत के आदेश पर मंगलवार को बुलडोजर कार्रवाई की गई. करीब चार महीने पहले ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग ने जांच की थी, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि हुई थी. इसके बाद ग्राम सभा बनाम जमीले अहमद नाम से मामला तहसीलदार की अदालत में दर्ज किया गया था.
पहला नोटिस 11 जून को मस्जिद प्रतिनिधियों को दिया गया था. कई सुनवाइयों के बाद तहसीलदार डी.पी. सिंह ने 24 सितंबर को आदेश जारी किया, जिसमें अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय लोगों की ओर से किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ.