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Moradabad News Today: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक मदरसा इंटर कॉलेज में बच्ची से कथित 'वर्जिनिटि जांच रिपोर्ट' मांगे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में बीते दिनों जामिया एहसानुल बनात गर्ल्स मदरसा कॉलेज के एक टीचर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं.
जामिया एहसानुल बनात गर्ल्स मदरसा कॉलेज पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. मुरादाबाद स्थित इस मदरसे पर अब विदेशी फंडिंग के आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम मुरादाबाद अनुज कुमार सिंह ने तीन सीनियर अधिकारियों पर आधारित जांच कमेटी गठित की है. यह टीम मदरसे और उससे जुड़े लोगों के बैंक खातों की जांच करेगी.
डीएम के जरिये गठित जांच कमेटी में एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह (पुलिस विभाग), एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र (प्रशासन विभाग) और सीपीओ (ट्रेजरी विभाग) को शामिल किया गया है. यह टीम मदरसा इंटर कॉलेज और उससे जुड़े सदस्यों के बैंक स्टेटमेंट की गहनता से जांच करेगी.
डीएम अनुज कुमार सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद कुछ स्रोतों से विदेशी फंडिंग की शिकायतें मिली हैं. इसके बाद प्रशासन ने अलग से यह जांच कमेटी गठित की है. उन्होंने कहा कि "हम बैंक से स्टेटमेंट मांग रहे हैं, इसलिए जांच में कुछ दिन लग सकते हैं. अगर शुरुआती जांच में विदेशी फंडिंग का गलत इस्तेमाल सामने आता है, तो मामला संबंधित एजेंसियों को रेफर कर दिया जाएगा."
मदरसे की मान्यता से जुड़ी जांच के बारे में भी डीएम ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक अधिकारी और डीआईओएस ने मदरसे और इंटर कॉलेज से संबंधित दस्तावेजों की जांच की है, जो पूरी तरह सही पाया गया है. मान्यता के हिसाब से सब कुछ ठीक है, लेकिन विदेशी फंडिंग को लेकर अलग जांच टीम काम कर रही है, जिसमें प्रशासन, पुलिस और ट्रेजरी विभाग के अधिकारी शामिल हैं.