Sambhal Masjid Well Status Report in SC: शाही जामा मस्जिद के पास मौजूद कुएं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसमें मस्जिद कमिटी के उस दावे को सरकार ने खारिज किया है कि कुआँ मस्जिद की ज़मीन पर है, इस मामले की सुनवाई अव सुप्रीम कोर्ट 25 फरवरी को करेगी.
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संभल: संभल में शाही जामा मस्जिद के पास मौजूद कुएं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. यूपी सरकार ने कुएँ को लेकर मस्जिद कमेटी के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कुँए को मस्जिद की ज़मीन में होना बताया गया है. यूपी सरकार का दावा है कि यह कुआं सार्वजनिक ज़मीन पर मौजूद है. यहाँ तक कि सरकार ने दावा किया है कि शाही मस्जिद भी सार्वजनिक ज़मीन पर बनी है. यूपी सरकार का कहना है कि यह कुआं मस्जिद परिसर के पास मौजूद है, लेकिन मस्जिद परिसर के अंदर नहीं है. इस कुएं का मस्जिद से कोई वास्ता नहीं है. मस्जिद कमेटी ने ग़लत फोटोग्राफ पेश करके कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की है.
शाही मस्जिद भी सार्वजनिक ज़मीन पर बनी
यूपी सरकार का कहना है कि ख़ुद शाही मस्जिद भी सार्वजनिक जगह पर बनी है. यह वही मस्जिद है, जिसे हिंदू पक्ष अपने दावे में मंदिर बता रहा है. यूपी सरकार का कहना है कि शाही मस्जिद के आस-पास मौजूद इस कुएं का इस्तेमाल लंबे अरसे से सभी समुदाय के लोग करते रहे हैं. हालांकि इस कुएं में अभी पानी नहीं है. 1978 में हुए सम्प्रदायिक दंगों के बाद इस कुएं के हिस्से पर पुलिस चौकी बना दी गई थी, जबकि कुएं का दूसरा हिस्सा 1978 के बाद भी इस्तेमाल होता रहा. 2012 के आसपास इस कुएं को ढक दिया गया, और अभी इस कुएं में पानी नहीं है.
प्राचीन मंदिरों के पुनरुत्थान की वजह बताई
यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में पुराने मंदिरों के रेनोवेशन को लेकर चल रही कवायद पर भी जवाब दाखिल किया है. राज्य सरकार का कहना है कि यह कुआं उन 19 कुओं में शामिल है, जिनका जिला प्रशासन रेनोवेशन करने में जुटा है. जिला प्रशासन का मक़सद इसके जरिये रेन वाटरहार्वेस्टिंग, वाटर रिचार्ज और दूसरे मक़सद को पूरा करना है. सरकार इन पुराने कुओं को फिर से जिंदा कर संभल को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देना चाह रही है. यह बड़ी तादाद में पर्यटकों को आकर्षित करेगा. ऐसे में प्रशासन के इस प्लान पर सवाल उठाकर मस्जिद कमेटी इलाके के विकास को रोकने की कोशिश कर रही है. राज्य सरकार का कहना है कि सरकार इलाके में लगातार शांति-सद्भावना बनाए और कायम करने में लगी है. इस तरह के सार्वजनिक कुओं को सार्वजनिक इस्तेमाल से रोकना इस लिहाज से ठीक नहीं होगा.
अब आगे क्या होगा ?
दरअसल, संभल की शाही मस्जिद कमेटी ने मस्जिद के पास मौजूद कुएं को लेकर यथास्थिति बनाये रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. 10 जनवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कुएं को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का हुक्म दिया था. इसका मतलब यह था कि इस कुएं पर कोई पूजा-अर्चना या कोई दूसरी गतिविधि अभी नहीं होगी. अब यूपी सरकार ने मस्जिद कमेटी की याचिका में रखे गए तथ्यों का सिलसिलेवार तरीके से खंडन किया है. अब 25 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में इस मसले को लेकर सुनवाई होनी है. अब ये देखना दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट का इस मसले को लेकर क्या रुख अख्तियार करती है ?