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Sambhal News: संभल में मौजूद शाही जामा मस्जिद बनाम श्री हरिहर मंदिर के मामले में 3 दिसंबर (बुधवार) को भी सुनवाई नहीं हुई. सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट, चंदौसी में तयशुदा वक्त में सुनवाई मल्तवी कर दी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को की जाएगी. इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 6 नवंबर को हुई थी. दरअसल यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि यह मामला हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है . भारत सरकार और एएसआई की ओर वकील विष्णु शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के स्टेटस रिपोर्ट को देखते हुए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अगली तारीख 8 जनवरी तय की है.वहीं सुनवाई के मद्देनज़र कोर्ट अहाते में बड़ी तादाद में सिक्योरिटी फोर्सेज़ और पुलिस अफसरान तैनात रहें.
आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने चंदौसी सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट में दावा दायर किया था, कि संभल की शाही जामा मस्जिद हकीकत में श्री हरिहर मंदिर है. इसके बाद 19 नवंबर की शाम मस्जिद अहाते में पहले चरण का सर्वे हुआ, जबकि दूसरा चरण 24 नवंबर को पूरा हुआ था,सर्वे के दौरान पैदा होने वाले तनाज़ों ने पुर तशदुद माहौल ले लिया. जमी भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की. जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इस मामले में तीन कातिलों, तीन ख्वातीन और इन्तेज़ामिया मस्जिद के सद्र जफर अली एडवोकेट सहित कुल 103 मुल्ज़िम को जेल भेजा गया था. इनमें से मस्जिद सद्र सहित 38 लोगों को जमानत मिल चुकी है.
किसने दायर किया मामल?
वकील विष्णु शंकर जैन ने कई दरख्वास्त गुज़ार की तरफ़ से संभल के सिविल जज सीनियर डिवीज़न की अदालत में ही वाद दायर किया था. विष्णु शंकर जैन वही वकील हैं जो वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले में भी वकील हैं. इस पर सुनवाई के दौरान दरख्वास्त गुज़ार के अलावा दूसरे पार्टी के वकील मौजूद नहीं थे. हिंदू पक्ष का दावा है कि जहां ये विशाल मस्जिद बनी हैं. वहां कभी हरिहर मंदिर हुआ करती थी.वहीं मुसलमानों की तरफ से इन दावों को बेबुनियाद बताते हुए कोर्ट में दायर वाद को नया सियासी तनाज़ पैदा करने और सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया है.