Sambhal News: संभल के सांसद ज़िया उर रहमान बर्क के पिता ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारें लोगों को नफरत फैलाने के लिए उकसा रही हैं. उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर मुस्लिम विरोधी राजनीति करने का भी आरोप लगाया.
Trending Photos
)
Sambhal News: संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क के पिता मौलाना मलिकुर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों पर तीखा हमला किया. उन्होंने फिल्म 'कल्कि संभल' के पोस्टर से जुड़े विवाद और उत्तराखंड के दीपक नाम के एक युवक से जुड़े विवाद में सरकारों की भूमिका पर सवाल उठाया. बाबा दुकान और मोहम्मद दीपक विवाद का जिक्र करते हुए मौलाना बर्क ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल बना रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मुसलमानों के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में न तो कानून है और न ही लोकतंत्र, बल्कि तानाशाही अपने चरम पर है. मौलाना बर्क ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सीधा हमला किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विचारधारा मुस्लिम विरोधी है और वह सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं करते. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए उत्तर प्रदेश में नफरत का माहौल बनाया गया है.
बेटे को किया जा रहा बदनाम
मौलाना बर्क ने 'कल्कि संभल' फिल्म के पोस्टर पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि फिल्म गलत तरीके से उनके पिता शफीकुर्रहमान बर्क और उनके बेटे जिया उर रहमान बर्क को संभल दंगों के लिए ज़िम्मेदार ठहरा रही है, जो पूरी तरह से झूठ है. उन्होंने साफ किया कि सच्चाई को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है. वहीं, 1978 के दंगों का ज़िक्र करते हुए मौलाना बर्क ने कहा कि उस समय उनके पिता शफीकुर्रहमान बर्क MISA कानून के तहत मुरादाबाद में नज़रबंद थे. उन्होंने दावा किया कि 1978 के दंगे मुसलमानों ने शुरू नहीं किए थे, बल्कि स्थिति तब बिगड़ी जब एक हिंदू व्यक्ति ने संभल की जामा मस्जिद में घुसकर वहां पानी चढ़ाने की कोशिश की.
सरकार पर बड़ा इल्जाम
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे जिया उर रहमान बर्क को जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हुई हालिया हिंसा में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. मौलाना बर्क ने साफ किया कि 2024 की हिंसा के समय जिया उर रहमान बर्क संभल में मौजूद ही नहीं थे. उन्होंने कहा कि उस समय ज़िया-उर-रहमान बर्क केरल में पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग में थे. उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद इस बात की पुष्टि की है. मौलाना बर्क ने कहा कि उनके बेटे को एक राजनीतिक साज़िश के तहत फंसाया जा रहा है और संभल की घटनाओं को लेकर एकतरफा कहानी गढ़ी जा रही है.