Sambhal Dada Miya Dargah Controversy: संभल में दादा मियां की सैकड़ों साल पुरानी दरगाह और मस्जिद को प्रशासन ने अवैध बताते हुए 15 दिन में हटाने का नोटिस दिया है. हालांकि, अब तक इंतजामिया कमेटी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी है. बुलडोजर कार्रवाई की आशंका के बीच सूफी हजरत मौलाना अख्तर के उर्स में अकीदतमंदों ने दरगाह को बचाने की दुआ की.
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Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल में हालिया दिनों कई धार्मिक जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है. इसकी वजह से आम लोगों को दहशत फैल गई. इसी कड़ी में दादा मियां की दरगाह और मस्जिद को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए सूफी हजरत मौलाना अख्तर के सालाना उर्स के मौके पर मुसलमानों ने खास दुआएं मांगीं. उर्स में शामिल लोगों ने दादा मियां की दरगाह को बुलडोजर की मुसीबत से निजात दिलाने की दुआ की.
दादा मियां की दरगाह पर हुए इस उर्स में सिर्फ स्थानीय मुसलमान ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे. लोगों ने दरगाह पर हाजिरी लगाई और उर्स में शामिल होकर दुआएं कीं. संभल में जिस जमीन पर दादा मियां की दरगाह बनी है, वह कब्रिस्तान की जमीन बताई जा रही है. आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर दादा मियां की दरगाह बनाई गई है.
सैकड़ों साल पुरानी है दाद मियां की दरगाह!
हालांकि, दादा मियां की दरगाह सैकड़ों साल पुरानी बताई जा रही है. इसी दरगाह पर सूफी हजरत मौलाना अख्तर का सालाना उर्स मनाया गया. उर्स में पहुंचे मुस्लिमों ने दुआ की कि दादा मियां की दरगाह को बुलडोजर कार्रवाई से बचाया जाए. दादा मियां की दरगाह पर मनाए गए इस सालाना उर्स में संभल के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. उर्स के दौरान भाईचारे को बनाए रखने और दरगाह को बुलडोजर की कार्रवाई से बचाने के लिए दुआएं की गईं.
प्रशासन ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम
इस पूरे मामले में संभल प्रशासन ने चौधरी सराय पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर बनी दादा मियां के नाम से मशहूर फखरुद्दीन शाह चिश्ती रहमतुल्ला की दरगाह और मस्जिद को अवैध बताते हुए नोटिस दिया है. प्रशासन का कहना है कि दरगाह और मस्जिद का निर्माण अवैध है और इसे 15 दिन के अंदर हटाया जाए. प्रशासन ने दरगाह और मस्जिद को लेकर बुलडोजर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है.
प्रशासन के इस अल्टीमेटम के बाद दरगाह और मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के लोगों के साथ-साथ मुस्लिम समाज में भी हलचल मच गई है. लोग दरगाह और मस्जिद को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए तरह-तरह के तर्क और दावे पेश कर रहे हैं.
इस मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने भी बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की है और उनके मुताबिक दरगाह और मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों से बातचीत का हवाला देकर यह दावा किया है.
कमेटी नहीं पेश कर पाई जरुरी दस्तावेज
इसी बीच दादा मियां की दरगाह पर सूफी हजरत मौलाना अख्तर का सालाना उर्स मनाया गया. उर्स के दौरान भाईचारे को कायम रखने और दादा मियां की मजार को बुलडोजर की मुसीबत से बचाने के लिए दुआएं की गईं. हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी दरगाह और मस्जिद की इंतजामिया कमेटी दरगाह और मस्जिद से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सकी है. इसी वजह से दरगाह और मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर सवाल बने हुए हैं और बुलडोजर कार्रवाई की आशंका भी बनी हुई है.
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