Sambhal Neza Mela Controversy: संभल इन दिनों नेज़ा मेले को लेकर सुर्खियों में है. पुलिस ने नेज़ा कमेटी को 5-5 लाख के मुचलके के लिए लिए पाबंद किया है. इसके साथ ही नसीहत दी है कि अगर माहौल खराब होता है तो पैसा कमेटी के सेलेक्ट किए गए पांच मेंबर्स से ही वसूला जाएगा.
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Sambhal Neza Mela Controversy: संभल हिंसा के बाद से ही काफी सेंसिटिव इलाकों में से एक है. अब नेज़ा मेला को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है. पुलिस ने नेजा मेला के मद्देनजर नेज़ा कमेटी के ज़िम्मेदारान को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किया है. पुलिस ने नसीहत दी है कि यह मेला न कराया जाए. अगर माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है तो ये पैसे वसूले जाएंगे.
एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि नेज़ा मेला के अध्यक्ष शाहिद हुसैन समेत पांच पदाधिकारी पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद किए गए हैं. इनको हिदायत दी गई है कि मेला करने की इजाजत नहीं है. इसलिए इसे आयोजित कराने की कोई कोशिश भी न करें. अगर माहौल खराब होता है तो इसकी जिम्मेदार कमेटी होगी. पाबंद किए गए लोगों से पैसों की वसूली की जाएगी.
नेज़ा मेला संभल शहर में सैयद सालार मसूद गाजी की याद में मनाया जाता है. इस मेले से पहले घंटा घर के पास कोतवाली के सामने ढाल लगाई जाती है, और फिर उस जगह को सीमेंट से बंद कर दिया जाता है. लेकिन इस बार पुलिस ने ऐसा करने की इजाजत नहीं दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को एएसपी श्रीश्चंद्र ने नेजा मेला कमेटी से कहा था कि सैयद सालार मसूद गाजी हत्या और लुटेरा था. महमूद गजनवी का भांजा था और उसने ही सोमनाथ मंदिर को लूटा था. उसकी याद में कोई भी आयोजन नहीं होगा. इसके बाद प्रशासन ने भी इस मेले को आयोजित करने से इंकार कर दिया था.
बता दें, इस मेले से नगर पालिका की भी 15 लाख की कमाई होती थी. नगर पालिका के जरिए ठेका निकाला जाता था और सारी व्यवस्था वही संभालता था. पालिका चेयरमैन के पति चौधरी ने जानकारी दी है कि पिछले साल 15.10 लाख का ठेका पालिका के जरिए दिया दिया था. इस बार 15.20 हजार रुपये का ठेका होना था. लेकिन, पुलिस ने मेले की इजाजत देने से इनकार कर दिया.