)
Sambhal Violence Update: संभल हिंसा के मामले में सोमवार (27 अक्टूबर) तीन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. तीनों पर संभल में शाही जामा मस्जिद का दूसरी बार सर्वे के दौरान हुई हिंसा के दौरान अधिकारियों पर हमला करने, आगजनी और पथराव जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं.
सुप्रीम कोर्ट से जिन तीन आरोपियों को जमानत दी गई है, उनके नाम दानिश, फैजान और नाजिर हैं. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दानिश, फैजान और नाजिर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद इन तीनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें बड़ी राहत मिली है. संभल हिंसा के इस मामले में अब तक लगभग 70 आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
बता दें, उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के अदालती सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी. धार्मिक दावों और ऐतिहासिक विवादों से जुड़े इस मामले में पथराव, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और 29 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए.
इससे पहले 19 नवंबर को सिविल जज आदित्य सिंह ने हिंदू पक्ष की याचिका पर मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया था. 22 नवंबर को पहला सर्वे हुआ. इसके बाज जांच टीम ने सर्वे अधूरा रहने की बात कही और दूसरी बार 24 नवंबर को सर्वे शुरू करने पहुंच गई. इसी दौरान वहां भीड़ हिंसक हो गई. पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े. हालात काबू में लाने के लिए धारा 144 लागू की गई और इंटरनेट सेवा 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई.
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और 2,500 से ज्यादा के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज कीं. NSA के तहत भी कार्रवाई हुई. समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर रहमान बर्क, नवाब सुहैल इकबाल और जामा मस्जिद कमेटी के जफर अली पर साजिश रचने का आरोप लगा. मार्च 2025 में जफर अली की गिरफ्तारी हुई. अब तक 76 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 27 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियों को जमानत दे दिया.