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Sambhal Violence Hearing: इलाहाबाद हाईकोर्ट आज यानी सोमवार को संभल जामा मस्जिद हिंसा मामले की सुनवाई करेगा. यह याचिका मस्जिद कमेटी के चेयरमैन ज़फ़र अली ने दाख़िल की है, जिन्होंने पुलिस की चार्जशीट को चुनौती दी है. ज़फ़र अली का नाम जांच के दौरान सामने आया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था. हालांकि, हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को उन्हें ज़मानत दे दी थी.
यह सुनवाई जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ के सामने होगी. यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 4,400 पन्नों की बड़ी चार्जशीट दाख़िल की. यह चार्जशीट हिंसा से जुड़े छह मामलों पर आधारित है.
जांच अधिकारियों के मुताबिक, संभल निवासी शारिक इस हिंसा का मास्टरमाइंड है. हिंसा में 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे. पुलिस का कहना है कि शारिक कार चोरी गैंग चलाता था, जिसने दिल्ली-एनसीआर से 300 से ज़्यादा वाहन चोरी किए. उसका रिश्ता अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से भी जोड़ा गया है. पुलिस का आरोप है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हो गया है.
पुलिस ने संभल के कई खाताधारकों से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता लगाया है. साथ ही, घटनास्थल से विदेशी निर्मित कारतूस भी बरामद हुए हैं. पुलिस का कहना है कि शारिक के करीबी साथियों ने गोलीबारी की थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई. हालांकि, पांचवीं मौत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे और सवाल खड़े हो गए हैं.
चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के सांसद ज़ियाउर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक इक़बाल महमूद के बेटे का भी नाम शामिल है. कुल 37 लोगों को नामज़द किया गया है, जबकि लगभग 3,750 लोगों को अज्ञात आरोपी के तौर पर दर्शाया गया है.