)
Sarfaraz Khan Selection Controversy: भारतीय क्रिकेटर सरफराज खान के इंडिया-ए टीम में चयन न होने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है. दक्षिण अफ्रीका-ए के खिलाफ इंडिया-ए स्क्वाड में सरफराज को शामिल न किए जाने के बाद चयन समिति पर पक्षपात और भेदभाव के आरोप लग रहे हैं. इस मामले में समाजवादी पार्टी, शिवसेना, कांग्रेस और AIMIM के नेताओं की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद एसटी हसन ने कहा कि खेल में समुदाय और जातीय भेदभाव नहीं आना चाहिए. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "जिस तरह से भारतीय टीमों में खिलाड़ियों का चयन हो रहा है, उससे यह संदेह होता है कि मुसलमान होने के नाते चयन प्रभावित होता है. खेल देश के लिए होता है, किसी धर्म या समुदाय के लिए नहीं." हसन ने कहा कि पिछले 10 साल में मुसलमानों को निशाने पर लिया गया और हिंदू-मुस्लिम सियासत की वजह से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में किसी भी परीक्षा या चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही और खेल भी इससे अछूता नहीं है.
वहीं, शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि क्रिकेट में धर्म के आधार पर भेदभाव की बातें बेहद घटिया और दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने भेदभाव के आरोप से इंकार करते हुए कहा, "अगर ऐसा भेदभाव होता तो मोहम्मद अजहरुद्दीन कभी भारतीय टीम के कप्तान नहीं बनते. चयन हमेशा खिलाड़ी की फॉर्म और क्षमता पर आधारित होता है, धर्म पर नहीं. सरफराज का चयन न होना सिर्फ प्रदर्शन और फॉर्म का मामला हो सकता है." निरुपम ने उन लोगों की आलोचना की जो धर्म के नाम पर क्रिकेट को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि यह देश की खेल भावना को कमजोर करता है.
इससे पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने भी (22 अक्टूबर) सरफराज खान के चयन न होने पर सवाल उठाया था. उन्होंने एक्स पर लिखा था कि "क्या सरफराज खान को उनके सरनेम की वजह से नहीं चुना गया. हम जानते हैं कि इस मामले में गौतम गंभीर कहां स्टैंड करते हैं?" शमा ने यह भी बताया कि सरफराज ने फिटनेस सुधारकर वजन कम किया है और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है (पिछले 5 सालों में फर्स्ट-क्लास औसत 110.47), फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.
इसके बाद AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने शमा मोहम्मद के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "एक युवा प्रतिभा जो तेजी से अपनी पहचान बना रही थी, उसे क्यों रोकना चाहते हो? पहले कहा गया कि वह फिट नहीं है, लेकिन सरफराज ने कड़ी मेहनत से फिटनेस सुधार ली. उसका औसत अच्छा है और वह अच्छा प्रदर्शन करता है. फिर भी चयन क्यों नहीं?" वारिस ने चयनकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा और चेताया कि सरफराज जैसे युवा खिलाड़ी का भविष्य बर्बाद न किया जाए.