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Saudi Arabia News: दो पाक मस्जिदों के संरक्षक, सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने पूरे देश में बारिश की नमाज (इस्तिस्का नमाज़) अदा करने का आह्वान किया है. यह नमाज़ गुरुवार, 12 नवंबर को सऊदी अरब के सभी इलाकों में अदा की जाएगी.
रॉयल कोर्ट के जरिए जारी बयान में कहा गया है कि यह नमाज़ पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत के अनुसार अदा की जाएगी, ताकि अल्लाह से रहमत बरस सके. बयान में नागरिकों और प्रवासियों से अपील की गई है कि वे तौबा करें, अल्लाह से माफी मांगें, नेक काम करें और दुआ में अल्लाह की ओर रुजू करें.
इस्तिस्का नमाज़ दो रकअत होती हैं. पहली रकअत में सात तकबीरें (यानी 'अल्लाहु अकबर' कहना) और दूसरी रकअत में छह तकबीरें कही जाती हैं. नमाज़ के दौरान इमाम पहली रकअत में सूरह अल-आला और दूसरी रकअत में सूरह अल-गाशियह की तिलावत करते हैं. नमाज़ पूरी होने के बाद इमाम खुतबा (वक्तव्य) देते हैं और फिर दुआ करते हैं, जिसमें अल्लाह से जमीन पर रहमत और बारिश बरसाने की गुजारिश की जाती है.
सऊदी अरब में यह खास नमाज़ तब अदा की जाती है जब बारिश में देरी हो जाती है या सूखे जैसी हालात पैदा होने लगते हैं. यह नमाज़ केवल मज़हबी पहल नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक भावना का भी प्रतीक मानी जाती है. सऊदी अरब का अधिकांश हिस्सा रेगिस्तानी इलाका है, इसलिए बारिश की दुआ (इस्तिस्का) की खास अहमियत है.
रॉयल कोर्ट का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब के कई हिस्सों में लंबे समय से सूखा और अनियमित बारिश देखी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुकाबिक, अब बरसात के मौसम के बीच का अंतराल बढ़ता जा रहा है.