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Zee SalaamIndian Muslim‘सौगात-ए-मोदी’ से पसमांदा मुसमानों की बल्ले-बल्ले, ईद पर मिले तोहफे के लिए PM का जताया आभार

‘सौगात-ए-मोदी’ से पसमांदा मुसमानों की बल्ले-बल्ले, ईद पर मिले तोहफे के लिए PM का जताया आभार

Saugat- E- Modi Kit in Barabanki: केंद्र सरकार इस बार ईद से पहले पसमांदा मुसलमानों को ध्यान में रखते हुए ‘सौगात-ए-मोदी’ अभियान शुरू किया है. सियासी गलियारों में इस योजना के कई मायने निकाले जा रहे हैं. इसी क्रम में मुस्लिम के लोगों का इस योजना को बड़ा बयान सामने आया है.

 

सौगात-ए-मोदी को लेकर खुशी की लहर
सौगात-ए-मोदी को लेकर खुशी की लहर

Barabanki News Today: पाक रमजान का आखिरी अशरा चल रहा है और अब ईद उल फितर में महज चंद दिन रह गए हैं. ईद से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग जोरशोर से तैयारियों में जुटे हैं. इस बीच ईद के खास मौके पर गरीब मुस्लिम परिवारों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 'सौगात-ए-मोदी' अभियान शुरू किया गया है. 

इस पहल के तहत देशभर में 32 लाख गरीब मुस्लिम परिवारों को विशेष किट वितरित की जा रही है. बाराबंकी में इस अभियान को लेकर मुस्लिम समाज के कई नेताओं और स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है.

'सौगात-ए-मोदी' में क्या है खास

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अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने इस योजना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताय. उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने गरीब पसमांदा मुस्लिम समाज के बारे में इतनी गहराई से सोचा है. इस पहल के तहत सेवइयां, खजूर, ड्राई फ्रूट्स, बेसन, घी-डालडा और महिलाओं के लिए कपड़े जैसी जरूरी चीजें दी जा रही हैं. यह सराहनीय कदम है." 

वसीम राईन ने विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधते जुबानी हमला बोला. उन्होंने कहा, "कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी सेक्युलर पार्टियों के पास भी सत्ता का अवसर था, लेकिन उन्होंने गरीब मुसलमानों के लिए कभी कोई ठोस पहल नहीं की." वसीम राईन के मुताबिक, वह सिर्फ टोपी पहनकर इफ्तार पार्टियों में बैठते रहे, लेकिन गरीबों की वास्तविक तौर पर मदद कभी नहीं की है."

ईद की खुशियां हुईं दोबाला

बाराबंकी के अली मकबूल भी ‘सौगात-ए-मोदी’ योजना की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब मुस्लिम समुदाय के लिए जो किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है. ईद के मौके पर यह मदद हमें बहुत राहत देगी." स्थानीय मुस्लिम महिलाओं ने भी इस पहल पर खुशी जाहिर की.

एक महिला ने कहा, "हमारे परिवार में पांच सदस्य हैं, ऐसे में अगर हमें यह किट मिलती है, तो हमारी ईद अच्छी हो जाएगी और खुशियों में चार चांद लग जाएंगे." महिला ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के बारे में सोचा, यह बहुत अच्छी बात है."

योजना को मिला इमामों का समर्थन

गुलाब सा मस्जिद के इमाम हाफिज मुशर्रफ ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब मुसलमानों के बारे में जो सोचा, वह पहले किसी सरकार ने नहीं किया. इस योजना से गरीब परिवारों की ईद खुशहाल होगी." भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने इस अभियान की जिम्मेदारी संभाली है. मोर्चे के 32 हजार कार्यकर्ता देशभर की 32 हजार मस्जिदों में जाकर जरूरतमंदों तक यह किट पहुंचा रहे हैं. हर मस्जिद से 100 परिवारों को यह सहायता दी जा रही है.

मुसलमानों में पैठ बनाने की कोशिश!

बता दें, ‘सौगात-ए-मोदी’ अभियान की शुरुआत कल 25 मार्च को दिल्ली से हुई है. इसे उन राज्यों में विशेष रूप से लागू किया जा रहा है, जहां बीजेपी की मजबूत उपस्थिति है. बीजेपी का कहना है कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि गरीब मुसलमानों को मुख्यधारा से जोड़ने में भी मदद करेगी. 

‘सौगात-ए-मोदी’ अभियान को लेकर बाराबंकी में मुस्लिम समाज के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. स्थानीय लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद दे रहे हैं. यह अभियान गरीब मुस्लिम परिवारों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सियासी जानकारों की मानें, तो ‘सौगात-ए-मोदी’ के जरिये बीजेपी मुसलमानों में अपनी पैठ बनाने की कवायद में जुटी है.

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