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SC on MP Bulldozer Action: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों से उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आरोपी के घर को अवैध रूप से गिराए जाने का आरोप लगाया गया है. याचिकाकर्ता इमरोज़ खान ने याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि अदालत के आदेश के बाद भी उनके घर को ढहाया गया. यह कोर्ट की अवमानना है, और इस मामले में एक्शन लिया जाए.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के निवासी इमरोज़ खान ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी अवमानना याचिका में अदालत को बताया कि अवैध धर्मांतरण के आरोप में उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज होने के बाद उनके घर को तोड़ दिया गया. याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर अधिवक्ता डॉ एस मुरलीधर ने मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद रैंकिने की पीठ को बताया कि यह मामला राज्य की अराजकता की एक साफ मिसाल है.
इसके साथ ही पिटीशन में कहा गया है कि पिटीशनर 2018 से इस घर में रहता आ रहा है. लेकिन अब एक झूठा केस बनाकर उनके घर को तोड़ दिया गया. याचिकाकर्ता ने मकान ढहाने से सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी. इस पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को ने मकान को न तोड़ने का निर्देश दिया था.
याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अदालत के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था, हालांकि, हाई कोर्ट ने अदालत की अवमानना याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद इमरोज़ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि घरों को गिराना एक संजीदा मुद्दा है संविधान के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह आदेश को रद्द करने, अदालती अवमानना कार्यवाही के निर्देश देने, मुआवज़ा देने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करे.