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SC verdict on Waqf Law: वक्फ संशोधन कानून पर अंतरिम फैसला आ चुका है. इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय में खुशियों की लहर दौड़ गई है. इस फैसले को सरकार की हार और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की जीते के रूप में देखा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून के कई विवादित प्रावधानों पर रोक लगा दी है. हालांकि पूरे कानून को खत्म कनरे से इंकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट में कई राउंड की सुनवाई के बाद आज (15 सितंबर) को ऐतिहासिक फैसला आया है. इस कानून के खिलाफ मुस्लिम लीडर, उलेमा ए कराम और मुस्लिम समुदाय के आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जेल गए और जुर्माना भी भरा. अब इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय की मेहनत और कुर्बानी कामयाब होती दिख रही है. हालांकि मुस्लिम लीडरों का कहना है कि यह लड़ाई लंबी है. कांग्रेस लीडर इमरान प्रताप गढ़ी जो इस कानून के खिलाफ खुद एक याचिकाकर्ता हैं, उन्होंने इस फैसले पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वक्फ संशोधन कानून की आत्मा पर रोक लगा दी है.
दरअसल, मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन कानून में कुछ विवादित प्रावधानों को जोड़ने और कुछ प्रावधानों को खत्म करने की कोशिश की थी. जैसे, वक्फ बाय यूजर के को इस कानून के तहत खत्म किया गया था. दूसरा, वक्फ बोर्ड को सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोग ही दान कर सकते हैं, साथ ही दान करने के लिए कम से कम पांच सालों तक इस्लाम धर्म को प्रैक्टिस करना जरूरी थी. तीसरा, वक्फ बोर्ड की विवादित संपत्तियों के मालिकाना हक का फैसला करने का अधिकार मजिस्ट्रेट को दे दिया गया था. वक्फ संशोधन कानून में चौथा विवादित प्रवधान यह था कि अगर किसी वक्फ की जमीन पर विवाद चल रहा है तो उस विवाद पर जब तक वक्फ अधिकारी की रिपोर्ट न आ जाए उस जमीन को वक्फ की जमीन नहीं मानी जाएगी. इन सभी प्रवधानों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दिया है. कानून के जानकार इस फैसले को सरकार की हार बता रहे हैं.
इन सभी प्रावधानों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काफी विरोध किया और इस कानून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया. मुस्लिम संगठनों ने इस कानून को वक्फ की जमीन हड़ने वाली नीति का हिस्सा बताया. बता दें कि वक्फ की बेशकीमती जमीनों पर पूंजीपत्तियों और कई जगह सरकारों का अवैध कब्जा है. वहीं, कई जगह पर वक्फ की जमीन से रेंट आते हैं, लेकिन वह रेंट मार्केट के हिसाब से बहुत ही कम है. इन सब के बीच सरकार द्वारा वक्फ संशोधन कानून बनाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को संदेह है और वे सरकार पर वक्फ की जमीन हड़पने की कोशिश करने का इल्जाम लगा रहे हैं.
वक़्फ़ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिवसेना का बयान
वक़्फ़ क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा की वक़्फ़ नियम पर कोर्ट रोक नहीं लगाएगा लेकिन कुछ प्वाइंट्स को कोर्ट द्वारा हटाया गया है जिसपर बयान देते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है. शिवसेना शुरू से ही इस कानून के खिलाफ रही है और खुलकर मुस्लिम पक्ष की हिमायत कर रहा था.
हमें उम्मीद है फाइनल फैसला हमारे हक़ में होगा: एआइएमआइएम
एआइएमआइएम के प्रवक्ता की असीम वकार ने कहा है कि वक़्फ़ अमेंडमेंट एक्ट पर सर्वोच्च न्यायलय द्वारा दिया गया अंतरिम आदेश स्वागत योग्य है सुकून देने वाला है. लेकिन मुकम्मल तौर पर संतुष्ट करने वाला नहीं है. सर्वोच्च न्यायलय ने अपने आदेश से ये साबित कर दिया है की भारत सरकार मुसलमानो के अधिकारों का हनन और अतिक्रमण कर रही थी. हमें उम्मीद है फाइनल फैसला हमारे हक़ में होगा.