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Shahi Eidgah मामले में आज सुनवाई! इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई है ये याचिका

Shahi Eidgah Hearing: मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़े मामले में आज सुनवाई होनी है. ये सुनवाई आज दोपहर 2 बजे होगी,  जिसमें एक बड़ी मांग की गई है.

Shahi Eidgah मामले में आज सुनवाई! इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई है ये याचिका

Shahi Eidgah Hearing: मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़े विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोपहर 2 बजे ये अहम सुनवाई होनी है. जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

18 याचिकाओं पर सुनवाईये

फिलहाल अदालत हिंदू पक्ष के जरिए दाखिल की गई 18 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. इन याचिकाओं में शाही ईदगाह को विवादित स्थल घोषित करने, और उसे हटाने जैसी मांगें शामिल हैं. मुस्लिम पक्ष ने इन मांगों का विरोध किया है.

आज सुनवाई में होगा ये अहम पहलू

आज की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि क्या राधा रानी को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए. हिंदू पक्ष ने इसके लिए एक अर्जी दाखिल करते हुए कहा है कि राधा रानी श्रीकृष्ण जन्मभूमि से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं, इसलिए उन्हें भी इस कानूनी प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए.

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6 मई को सुनवाई में क्या हुआ था

इससे पहले 6 मई को हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं का हवाला देकर कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, हिंदू पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट में मामला अपने ढंग से आगे बढ़ना चाहिए.

क्या है हिंदू पक्ष का दावा?

शाही ईदगाह को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर बने मंदिर को तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद की तामीर की गई थी. इसी आधार पर मस्जिद को हटाने और स्थल को हिंदू पक्ष को सौंपने की मांग की जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई

हाल ही में इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई की थी, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया था. उस फैसले के तहत हिंदू पक्ष को अपनी याचिका में संशोधन करने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पक्षकार बनाने की इजाजत दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि अगर याचिकाकर्ता यह दावा करते हैं कि विवादित स्थल एक संरक्षित स्मारक है, तो उन्हें इसका मौका दिया जाना चाहिए. साथ ही यह भी कहा गया था कि पूजा स्थल संरक्षण अधिनियम, 1991 ऐसे स्मारकों पर लागू नहीं होता.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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