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Sambhal Violence Update: संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की आज सोमवार को पहली बरसी है. एक साल पहले हुई इस हिंसा ने शहर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया. इसके निशाना आज भी यहां देखे जा सकते हैं. हिंसा ने कई घरों को बर्बाद कर दिया और उनमें से कई अभी भी पुलिस प्रशासन से अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए चक्कर काट रहे हैं. घटना के बाद एक साल बीत जाने के बाद इलाके में शांति और सौहार्द का माहौल है.
इस मौके पर शाही जामा मस्जिद के अध्यक्ष जफर अली ने IANS से बातचीत में बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पिछले साल की घटना अब सिर्फ एक याद है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है. जफर अली ने कहा, "24 नवंबर 2024 की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन अब वह वक्त गुजर चुका है. आज शहर पूरी तरह शांत है. नमाज को लेकर कोई विशेष निर्देश नहीं जारी किए गए हैं. सब कुछ पहले की तरह चल रहा है. हिंदू और मुस्लिम आपस में शांति से रह रहे हैं, कहीं कोई तनाव नहीं है."
जफर अली ने आगे कहा कि मस्जिद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सक्रिय है और प्रशासन अपना काम कर रहा है. उन्होंने कहा, "नमाज के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हम पहले की तरह मस्जिद जाते हैं. मैं अपने सभी भाइयों से अपील करता हूं कि शांति और एकता बनाए रखें."
बता दें, संभल हिंसा के आरोप में पुलिस ने शाही जामा मस्जिद के अध्यक्ष जफर अली को भी गिरफ्तार कर लिया था. जफर अली पर पुलिस ने हिंसा भड़काने, आपराधिक षड्यंत्र रचने समेत कई मामले में मुकदमा दर्ज किया है. उन्हें पुलिस ने इसी साल 23 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था. लगभग चार महीने बाद जफर अली को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. जेल से रिहा होने के बाद बगैर प्रशासनिक इजाजत के जश्न का जुलूस निकालने पर उनके खिलाफ बीएनएसएस की धार 163 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
हिंसा की पहली बरसी को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी है. संभल पुलिस हाई अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. RAF, PAC और स्थानीय पुलिस के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं. जामा मस्जिद और उसके आसपास के इलाकों में एरिया डोमिनेशन तेज कर दिया गया है. पिछली बार हिंसा वाली जगह और आसपास के हिस्सों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इनका लाइव मॉनिटरिंग सत्यव्रत चौकी कंट्रोल रूम से किया जा रहा है. अधिकारी लगातार जमीनी टीमों से संपर्क में हैं ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.
संभल की शाही जामा मस्जिद मुगल सम्राट बाबर के शासनकाल (1526–1530) में बनाई गई थी. यह बाबर के शासन में बनी तीन प्रमुख मस्जिदों में से एक मानी जाती है. ऐतिहासिक मस्जिद का निर्माण बाबर के सेनापति मीर हिंदू बेग ने करवाया था और यह संभल के कोट मुहल्ले की सबसे ऊंची पहाड़ी पर मौजूद है. दूसरी तरफ हिंद पक्ष दावा करता रहा है कि यह मस्जिद हरिहर मंदिर है. हालांकि, हिंदूवादी संगठनों के दावे को इतिहासकार और एएसआई गलत मानते हैं और मुगल काल निर्माण की पुष्टि करते हैं.