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Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के तहत शहर के तैमूरशाह इलाके में सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़े के आरोप लगे हैं. आरोप है कि वक्फ बोर्ड के नाम पर लगभग 20 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये है. इस जमीन पर लगभग 200 घर और 100 दुकानें बनाई गई हैं, जिनसे काफी अवैध कमाई हो रही है.
इस मामले में शहर के काजीवाड़ा इलाके के रहने वाले मरहूम इजराइल के बेटे हारून ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सरकारी जमीन दिल्ली रोड पर तैमूरशाह इलाके में सड़क किनारे है, लेकिन कुछ लोग सालों से इस पर कब्जा करके इसे वक्फ बोर्ड की जमीन बता रहे हैं.
DM से शिकायतकर्ता ने लगाई गुहार
अपने शिकायत पत्र में शिकायतकर्ता हारून ने आरोप लगाया है कि इस जमीन पर धोखे से घर और दुकानें बनाई गई हैं और उनसे बड़ी रकम अवैध रूप से वसूली जा रही है. उनका दावा है कि जमीन की मौजूदा बाज़ार कीमत 200 करोड़ रुपये से ज़्यादा है, जिससे साफ पता चलता है कि सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इस ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले लोग धमकी और दबंगई से अपना दबदबा बनाए हुए हैं. जो भी इस अवैध कब्ज़े के खिलाफ आवाज़ उठाने की कोशिश करता है, उसे धमकाया और डराया जाता है. इससे इलाके के लोगों में डर का माहौल है, और कोई भी खुलकर सामने आने की हिम्मत नहीं कर रहा है.
जिलाधिकारी से की बड़ी मांग
हारून ने जिलाधिकारी से जमीन के दस्तावेज़ों की निष्पक्ष जांच करने और यह साफ करने का अनुरोध किया है कि जमीन असल में सरकारी संपत्ति है या वक्फ बोर्ड की. अगर जमीन सरकारी संपत्ति पाई जाती है, तो उन्होंने मांग की है कि अवैध कब्ज़े को हटाया जाए और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. बताया जा रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अब सभी की नज़रें ज़िला प्रशासन की जांच रिपोर्ट और उसके बाद की कार्रवाई पर हैं.