Sharjeel Imam: शरजील इमाम के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय किए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी की है और कहा है कि बड़ी चालाकी से शरजील ने अपनी स्पीच लिखी थी.
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Sharjeel Imam: 2019 में दिल्ली के जामिया नगर इलाके में हुई हिंसा के मामले में साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. शरजील इमाम के खिलाफ आरोप तय करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में उसकी भूमिका के बारे में भी लिखा है.
कोर्ट ने कहा है कि शरजील इमाम ने अपनी स्पीच के ज़रिए मुस्लिम समुदाय के मन में डर और गुस्से की भावना को पैदा किया. उन्हें उत्तर भारत के कई बड़े शहरों में चक्का जाम के लिए उकसाया. ऐसा शख्स इस बात की दलील नहीं दे सकता कि सड़को पर भीड़ की ओर अंजाम दिया दंगा उसकी स्पीच का नतीजा नहीं था और इसलिए उसे इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम की स्पीच गुस्सा और नफरत फैलाने वाली थी, जिसका नतीजा स्वभाविक तौर पर सड़क पर बड़े पैमाने पर फैली हिंसा के रूप में सामने आया. उनका भाषण एक समुदाय के मन में दूसरे समुदाय के खिलाफ ज़हर फैलाने वाल था. ये हेट स्पीच के दायरे में आता है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चक्का जाम को शांतिपूर्ण विरोध का तरीका नहीं कहा जा सकता. दिल्ली जैसे बड़े तादाद वाले शहर में जहां हर समय बड़ी तादाद में गंभीर हालात में मरीज अस्पताल जाने की जल्दी में होते है, चक्का जाम से न केवल उनकी हालत बिगड़ सकती है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने की सूरत में उनकी मौत भी हो सकती है. सड़क पर ज़रूरी और इमरजेंसी सर्विसेज मौजूद कराने वाले वाहन भी रहते हैं.
साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम के खिलाफ IPC की धारा 153A, 143/147/148/149/186/353/332/333/308/427/435/323/341, 109, 120 बी के अलाव समेत सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप तय किए हैं.