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जब 140 करोड़ आबादी वाला SIR पोर्टल चल रहा है तो वक्फ पोर्टल क्यों है स्लो, साजिश की आशंका!

Waqf Registration News: वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने की डेडलाइन 6 दिसंबर तय की गई थी, लेकिन उम्मीद पोर्टल पर कुछ ही वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर हुई हैं. इस बीच शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने उम्मीद पोर्टल को लेकर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है.

जब 140 करोड़ आबादी वाला SIR पोर्टल चल रहा है तो वक्फ पोर्टल क्यों है स्लो, साजिश की आशंका!

Moulana Kalbe Jawwad on Umeed Portal: देश में वक्फ एक्ट लागू होने के बाद सभी वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने की डेडलाइन 6 दिसंबर तय की गई थी, लेकिन उम्मीद पोर्टल पर कुछ ही वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर हुई हैं. दावा किया जा रहा है कि उम्मीद पोर्टल बहुत धीरे काम कर रहा है, जिसकी वजह से 80 परसेंट से ज़्यादा वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर नहीं हुई हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने वक्फ प्रॉपर्टीज के रजिस्ट्रेशन को लेकर गंभीर आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि SIR पोर्टल, जो देश भर के लगभग 1.4 बिलियन वोटर्स का डेटा देता है, ठीक से काम कर रहा है, लेकिन वक्फ संपत्तियों के लिए बनाया गया उम्मीद पोर्टल पिछले छह दिनों से डाउन है. हालांकि, उम्मीद पोर्टल पर सिर्फ लगभग 8,000 संपत्तियों का ही रजिस्ट्रेशन होना है. मौलाना का इल्जाम है कि यह स्थिति 'जानबूझकर' बनाई गई है ताकि वक्फ प्रॉपर्टीज़ का रजिस्ट्रेशन समय पर न हो सके.

सरकार से की ये अपील
मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों की वजहों से वक्फ प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की सरकार की डेडलाइन पूरी नहीं हो पा रही है. उन्होंने सरकार से रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन कम से कम छह महीने बढ़ाने की अपील की ताकि सभी वक्फ प्रॉपर्टीज़ का रजिस्ट्रेशन आसानी से हो सके. इस बीच, मौलाना कल्बे जव्वाद ने लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट में कथित तौर पर चल रही गड़बड़ियों को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बताया कि इन मामलों को लेकर लखनऊ डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से शिकायत की गई थी, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी अधिकारी जांच करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे.

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मौलाना को किस बात का डर है?
इस मामले में RTI के जरिए भी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन समय पर जवाब न देने पर संबंधित डिपार्टमेंट पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया. मौलाना ने इसे 'सच्चाई की जीत' बताया और कहा कि यह एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही साबित करता है. मौलाना कल्बे जवाद ने साफ कहा कि अगर उम्मीद पोर्टल को जल्द ठीक नहीं किया गया और डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई, तो हजारों वक्फ प्रॉपर्टी सरकारी रिकॉर्ड में अनरजिस्टर्ड रह जाएंगी, जिससे भविष्य में बड़े विवाद हो सकते हैं.

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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