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Shimla Sanjauli Controversy: देश में बढ़ते मुस्लिम विरोधी भावना और सामाजिक ध्रुवीकरण के बीच हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के संजौली इलाके से एक विवादित अपील सामने आई है. वहां एक हिंदू संगठन की बैठक में मुस्लिम समुदाय के आर्थिक बहिष्कार की अपील की गई. बजरंग दल ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे भोजन, कपड़े खरीदने या सिलाई जैसी सेवाओं के लिए केवल साथी हिंदुओं के साथ ही आर्थिक लेन-देन करें.
दरअसल, संजौली मस्जिद को लेकर पिछले साल से बवाल जारी है. इस बवाल के बीच 13 दिसंबर को शिमला में देव भूमि संघर्ष समिति और दूसरे हिंदू संगठनों ने बैठक की. इसी दौरान बजरंग दल के नेता ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे भोजन, कपड़े खरीदने या सिलाई जैसी सेवाओं के लिए केवल साथी हिंदुओं के साथ ही आर्थिक लेन-देन करें. हिंदू नेता ने दावा किया कि भले ही इसमें ज़्यादा पैसे खर्च हों, लेकिन इससे 'खाने में थूकने या पेशाब करने' जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा. इस बयान का एक वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
कश्मीरियों के खिलाफ बोया जहर
बजरंग दल के नेता ने बैठक में कश्मीरी विक्रेताओं के खिलाफ गंभीर और बिना सबूत के आरोप भी लगाए. उसने दावा किया कि कश्मीरी विक्रेता पहले इलाकों में रेकी करते हैं ताकि पता चल सके कि महिलाएं कब घर पर अकेली होती हैं. हिंदू नेता ने गैर-हिंदुओं को 'हमारे समय के राक्षस' कहा और एक कहानी सुनाई जिसमें आरोप लगाया गया कि कश्मीरी विक्रेताओं ने एक बछड़ा चुराकर खा लिया था. इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि संजौली मस्जिद को लेकर पिछले साल से बवाल जारी है. हिंदू संगठन के लोग मस्जिद को गिराने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही हिंदू संगठन का दावा है कि यह मस्जिद अवैध तरीके से बनाया गया है. इस मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही है. वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद पूरी तरीके से वैध और वक्फ की जमीन पर बनी हुई है. फिर बवाल जारी है.