Roza 2025: इस समय जामा मस्जिद इलाके में खजूर और सेवइयां खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है. दुकानदारों का कहना है कि कुछ समय से महंगाई की वजह से माल महंगा हो गया है, लेकिन लोग फिर भी खरीदारी करने आ रहे हैं.
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Roza 2025: इस्लामी कैलेंडर का रमजान का महीना 2 मार्च से शुरू हो रहा है. मुस्लिम समुदाय पहले रोजे की तैयारियों में लगा हुआ है. जामा मस्जिद इलाके में खजूर और सेवइयों की खरीदारी जोरों पर है. दुकानदारों का कहना है कि लोग दूर-दराज से भी आ रहे हैं. साथ ही स्थानीय लोग भी खरीदारी कर रहे हैं. हालांकि, बिक्री पर महंगाई का असर भी दिख रहा है, क्योंकि माल की कीमतें बढ़ी हुई हैं.
सेवइयां बेचने वाले फरहान ने बताया कि सेवइयों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि इसके सामान की कीमतें पिछले कुछ समय में महंगी हो गई हैं. वहीं, इफ्तार के समय खजूर का विशेष महत्व होता है और इसकी बिक्री भी बढ़ी हुई है. रोजा रखने से पहले लोग सेवइयां बनाते हैं और शाम को इफ्तार में खजूर का सेवन करते हैं.
खजूर और सेवइयां खरीदने वालों की लगी भीड़
इस समय जामा मस्जिद इलाके में खजूर और सेवइयां खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है. दुकानदारों का कहना है कि कुछ समय से महंगाई की वजह से माल महंगा हो गया है, लेकिन लोग फिर भी खरीदारी करने आ रहे हैं. ग्राहक जिसान ने आईएएनएस को बताया, "हम लोग पहले रोजे को लेकर काफी उत्साहित हैं. हम सब बहुत खुश हैं. बच्चे भी बहुत खुश हैं. हम अपने परिवार के साथ शॉपिंग करने आए हैं. बच्चों को हम नए कपड़े दिलाएंगे."
दुकानदार ने क्या कहा?
दुकानदार फजले करीम ने कहा, "हमारा काम साल के 12 महीने चलता है. हमें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है. अब पहले की तुलना में खजूर की डिमांड भी काफी बढ़ गई है. मिठाई से शुगर बढ़ जाता है. इस वजह से लोगों में खजूर की मांग बढ़ रही है. आमतौर पर जब खजूर की डिमांड बढ़ जाती है, तो इसकी कीमत में भी इजाफा दर्ज किया जाता है. खजूर खाड़ी के देशों से भारत में आता है."
कॉपी- आईएएनएस