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Shravasti Madarsa News: योगी सरकार ने कथित अवैध मुस्लिम धार्मिक स्थल और मदरसों के नाम पर पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. इन कार्रवाई के खिलाफ लगातार सवाल उठते रहे हैं और कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन को लेकर सख्त निर्देश दिए. बावजूद इसके शासन प्रशासन स्तर पर अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर मस्जिद, मदरसे, मजार और ईदगाहों को ढहा दिया और बड़ी संख्या सील कर दिया.
बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच श्रावस्ती के 30 मदरसों को दोबारा खोलने के आदेश दिए थे, जिसे सामाजिक संगठनों और मदरसा इंतजामिया से जुड़े लोगों ने एक बड़ी जीत बताई थी. हालांकि, कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर श्रावस्ती अल्प संख्यक कल्याण विभाग ने कुछ मदरसों को नोटिस जारी किया था. जिसकी खूब किरकिरी थी.
इसी कड़ी में श्रावस्ती में मदरसों के खिलाफ हो रही सरकारी कार्रवाई को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद (JUH) का प्रतिनिधिमंडल बुधवार (27 अगस्त) को जिला प्रशासन से मिला. JUH प्रतिनिधिमंडल ने मदरसों के खिलाफ हो रही अवैध कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया और शासन प्रशासन से अपील की कि वह मदरसों को परेशान करना बंद करें.
इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असअद मदनी के निर्देश पर यह प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी से भी मिला था. इसके बाद कल श्रावस्ती के डीएम अजय त्रिवेदी से प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और पूरे मुद्दे पर तफ्सील से बातचीत की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई जमीयत के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने की.
बैठक में मदरसों की शैक्षिक, सामाजिक और संवैधानिक भूमिका पर सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत हुई. डीएम अजय त्रिवेदी ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यान से सुनीं और भरोसा दिलाया दिया कि जो मदरसे रजिस्टर्ड हैं उन्हें तुरंत खोल दिया जाएगा. जबकि अन्य मदरसों के मामले में अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर कल जमीयत का प्रतिनिधिमंडल मंत्री दानिश अंसारी से भी मिला था. उस मुलाकात में जमीयत ने साफ कहा था कि वह मदरसों के लिए मजबूत दीवार की तरह खड़ी है और किसी भी तरह की नाजायज या धार्मिक पूर्वाग्रह में की गई कार्रवाई को देश के खिलाफ कार्रवाई मानती है.
मंत्री से मुलाकात के बाद ही डीएम और अन्य अधिकारियों से आज की बैठक तय हुई. यह बैठक करीब दो घंटे से ज्यादा चली और अधिकारियों पर इसका असर भी देखने को मिला. डीएम ने तुरंत कई मदरसों को खोलने का आदेश जारी कर दिया. इनमें श्रावस्ती के राजपुर पुरवाने (तहसील जमुनहा) स्थित जामिया आयशा लिलबनात भी शामिल है, जिसे बुधवार शाम को खोल दिया गया.