UP Madarsa News: योगी सरकार के आदेश के बाद कई जिलों में मदरसों पर बड़ी कार्रवाई की हुई है. श्रावस्ती में अब तक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जांच के बाद 68 मदरसों को सील किया है. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक आदेश पर रोक लगाते हुए एक सील मदरसे को दोबारा खोलने के आदेश दिए हैं.
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Shravasti Madarsa News Today: उत्तर प्रदेश में एनडीए की अुगवाई वाली योगी सरकार नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में लगातार मस्जिद, मदरसों, ईदगाह और मजारों पर कार्रवाई कर रही है. योगी सरकार के इस फैसले पर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं. वहीं, अब श्रावस्ती में एक मदरसे पर जिला प्रशासन के जरिये की गई सील की कार्रवाई को निरस्त करते हुए कोर्ट ने इसे खोलने का आदेश दिया है.
दरअसल, श्रावस्ती जिले के जमुनहा इलाके में संचालित मदरसा अनवारूल उलूम को बीते 27 अप्रैल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिला प्रशासन की टीम की मौजदूगी में सील कर दिया था. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने दावा किया था कि मदरसे के कागजात में कमी थी, इसलिए सील कर दिया गया.
इसके बाद मदरसा अनवारूल उलूम के संचालक ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी. पूरे मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मदरसा संचालक को बड़ी राहत दी और सील हुए मदरसे को खोलने का आदेश जारी कर दिया. अब हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जिला प्रशासन की टीम ने सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में सील मदरसे को दोबारा खोल दिया है.
'बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर'
दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक, श्रावस्ती के बनगई बाजार स्थित मदरसा अनवारूल उलूम को बेसिक शिक्षा अधिकारी से 1974 में स्थाई मान्यता मिली है. इस मदरसे को 27 अप्रैल को सील कर दिया गया था. हाईकोर्ट ने 14 मई को अल्पसंख्यक विभाग के सील करने के फैसले पर रोक लगाते इसे फौरन खोलने का आदेश दिया था, जबकि संचालक को 17 मई को आदेश की कॉपी मिली और 28 मई को जिला प्रशासन ने सील खोल दिया.
सील खुलने के बाद मदरसा अनवारूल उलूम के संचालक ने कहा है कि अब उनकी पहली प्राथमिकत बच्चों को दोबार स्कूल लाने की होगी, इसके लिए वह बच्चों के पैरेंट से मिलकर बात करेंगे. उन्होंने कहा कि मदरसा बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है, जिसकी भरपाई करने की हर संभव कोशिश की जाएगी.
श्रावस्ती जिला प्रशासन की तरफ से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 297 मदरसे हैं, जिनमें से 105 को ही मान्यता मिली हुई है, जबकि बाकी बचे हुए 192 बिना मान्यता के ही चल रहे हैं. जिला अल्पसंख्यक विभाग इन सभी पर निगरानी बनाए हुए है. श्रावस्ती में अब तक जिला प्रशासन की तरफ से 68 मदरसों को सील किया जा चुका है.