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Sitapur Madarsa News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में प्रशासन ने एक मदरसे को बुधवार (10 दिसंबर) को बुलडोजर से ढहा दिया. मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान सीतापुर जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर लहरपुर एसडीएम आकांक्षा गौतम भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहीं. यह मदरसा कई सालों से संचालित हो रहा था और इसमें सैकड़ों छात्र पढ़ाई कर रहे थे.
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मदरसा लहरपुर तहसील के नेवादा गांव में काफी समय से चल रहा था. हालिया दिनों प्रशासन इस मदरसे को कथित तौर पर अवैध करार देकर नोटिस दिया था. हिंदूवादी संगठन इस मदरसे को हटाने के लिए लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी.
मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के परिजन परेशान
हिंदूवादी संगठनों की शिकायत का डीएम राजा गणपति आर ने संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन के मुताबिक, मदरसे के पास किसी भी स्तर का मान्यता नहीं था. इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया और आज बुलडोजर से मदरसे को गिरा दिया. बताया जा रहा है कि इस मदरसे में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे.
इस मदरसे में पढ़ने वाले कई बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. अब मदरसा ढहाए जाने से इन गरीब बच्चों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है. मौके पर मौजूद एक गार्जियन ने बताया कि मदरसा बंद होने से अब वह अपने बच्चे को नहीं पढ़ा पाएंगे क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. उनके पास इतने पैसे नहीं है कि किसी अच्छे प्राइवेट स्कूल में बच्चे का दाखिला करा सकें.
मुसलमानों के धार्मिक जगहों और मदरसों पर चल रहे हैं बुलडोजर
बता दें, उत्तर प्रदेश में अवैध धार्मिक संरचनाओं के नाम पर योगी सरकार लगातार अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों पर कार्रवाई कर रही है. यह कार्रवाई अक्सर सवालों के घेरे में रहे हैं क्योंकि कई जगहों पर बहुसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थल और संस्थान अवैध होने के बाद शासन प्रशासन ने उसे छोड़ दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक,भारत-नेपाल सीमा से लगे सात जिलों, जिनमें महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पिलीभीत में, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाए गए. इस साल अप्रैल- मई की मुख्य ड्राइव में 286 संरचनाएं तोड़ी गईं और अगस्त तक 130 और ढहाई गईं. इस तरह कुल 416 धार्मिक ढांचों को ध्वस्त किया गया.
अधिकारियों ने क्या कहा?
इसी दौरान 198 संरचनाओं को सील किया गया और 223 को नोटिस जारी हुए. अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान राज्य की सुरक्षा और सरकारी जमीन की रक्षा को ध्यान में रखकर चलाया गया. ध्वस्त ढांचों में सबसे ज्यादा 225 मदरसे, 30 मस्जिदें, 6 ईदगाह और 25 मजार शामिल हैं. वहीं, अल्पसंख्यक संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर चोट बताया है.