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West Bengal News Today: पश्चिम बंगाल के बारासात इलाके में एक जमीन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. जानकारी के मुताबिक, अशोक नगर में दिवंगत सीपीएम नेता की जमीन पर घर निर्माण के दौरान मानव खोपड़ी और हड्डियां बरामद हुईं. इसके सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मामला सियासी रंग लेने लगा.
स्थानीय विधायक नारायण गोस्वामी का कहना है कि यह सीपीएम के समाज विरोधी तत्वों की काली कहानी का एक सबूत है. हालांकि विधानसभा में शून्य पर पहुंच चुकी सीपीएम ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि कई साल पहले इस जगह पर कब्रिस्तान हुआ करता था, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान मानव कंकाल मिलना मुमकिन है.
अखबरे मशरिक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दिवंगत सीपीएम नेता बचन मुखर्जी अशोक नगर नगरपालिका के वार्ड-7, कल्याणगढ़ स्वामीजी सिंह क्लब के पास रहते थे. उनकी बेटियों ने पुराने बेडरूम को तोड़कर नया घर बनाने की तैयारी शुरू की थी. इसी दौरान जमीन की खुदाई करते समय मानव खोपड़ी और हड्डियों का ढांचा बरामद हो गया.
सूचना मिलते ही अशोक नगर पुलिस मौके पर पहुंची. मंगलवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बरामद अवशेषों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. सीपीएम के स्थानीय नेताओं ने कहा कि बरसों पहले यह जगह कब्रिस्तान थी, इसलिए यहां अवशेष मिलना नई बात नहीं है. उन्होंने बताया कि सच्चाई का पता लगाने के लिए बीएलआरओ को पत्र लिखा गया हैय
इस मामले पर विधायक नारायण गोस्वामी ने दावा किया कि दिवंगत सीपीएम नेता बचन मुखर्जी के बेडरूम की खुदाई के दौरान मानव कंकाल मिला है. उनके भाई भी सीपीएम से जुड़े थे और वाम मोर्चा सरकार के समय उनकी बातों को आखिरी माना जाता था. विधायक ने आरोप लगाया कि 1980 और 1990 के दशक में कांग्रेस समर्थकों को टारगेट किया गया और संभव है कि मिले अवशेष उन्हीं लोगों के हों.
विधायक नारायण गोस्वामी ने यह भी कहा कि पुलिस घर के आसपास और कंकाल मिलने की संभावना की जांच कर रही है. बचन मुखर्जी और उनके साथी समीर अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके सहयोगी रहे जगदीश सरदार और खो गन बंधी अभी जिंदा हैं, जिनसे पूछताछ की जानी चाहिए.