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Jammu News: जम्मू में शुक्रवार को कई हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति (SMVSS) के बैनर तले प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) से मुस्लिम छात्रों को हटाने और सीटें हिंदू छात्रों के लिए आरक्षित करने की मांग उठाई.
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों ने जम्मू के महत्वपूर्ण तवी पुल पर बैठकर धरना दिया और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल के खिलाफ नारे लगाए. इस विरोध का नेतृत्व समिति के संयोजक सुखबीर सिंह मांकोटिया ने किया.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मांकोटिया ने कहा कि यह लड़ाई हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि यह हमारी आस्था की लड़ाई है. कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, समाज को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए.
उमर अब्दुल्ला के इस बयान पर कि दाखिले केवल मेरिट के आधार पर किए गए हैं, मांकोटिया ने इसे गलत और शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि समिति पहले से दाखिला ले चुके छात्रों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती, लेकिन पूरे मामले को जिस तरह संभाला जा रहा है, उस पर आपत्ति है.
मांकोटिया ने कहा कि श्राइन बोर्ड उन लाखों हिंदुओं की आस्था और चढ़ावे से चलता है, जो माता वैष्णो देवी में विश्वास रखते हैं. उनके अनुसार यह धन केवल उन्हीं लोगों पर खर्च होना चाहिए जिनका माता वैष्णो देवी में विश्वास है. यह पैसा हिंदू धर्म से जुड़ी संस्थाओं और केंद्रों पर ही लगाया जाए. जब तक ऐसा नहीं होता, समिति अपना आंदोलन जारी रखेगी.
संघर्ष समिति की कोर कमेटी के सदस्य और श्री सनातन धर्म सभा, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीची ने कहा कि राज्य की लगातार आती रही सरकारों ने वैष्णो देवी श्राइन के विकास के लिए कोई योगदान नहीं दिया है.
पूरा विवाद 2025-26 सेशन की MBBS सेलेक्शन लिस्ट जारी होने के बाद हुआ था. 50 स्वीकृत सीटों में से 42 मुस्लिम, एक सिख और सात हिंदू छात्र चुने गए, और यह सभी चयन NEET के आधार पर हुआ. इस आंदोलन को SMVSS नेतृत्व दे रहा है, जिसमें कई हिंदू समूह शामिल हैं. जम्मू और अन्य इलाकों में BJP, VHP, बजरंग दल और शिव सेना के जरिए मेडिकल कॉलेज के खिलाफ कई प्रदर्शन किए गए हैं.