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आजम खान 8 साल पुराने केस में बाइज्ज़त बरी, भारतीय सेना पर बयान को लेकर विरोधी गए थे कोर्ट

MP MLA Court on Azam Khan Case: आजम खान को सेना पर दिए विवादित बयान से जुड़े आठ साल पुराने केस में कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. आजम खान को राहत मिलना आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी के हक में मानी जा रही है. यह फैसला एमपी-एमएलए कोर्ट ने दिया है. इस मामले में उन पर 30 जून 2017 को रामपुल सिविल लाइंस बीजेपी विधायक ने मुकदमा दर्ज कराया था. 

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान (फाइल फोटो)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान (फाइल फोटो)

Uttar Pradesh News Today: समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान का शुमार उत्तर प्रदेश के दिग्गज सियासी नेताओं में होती है. वर्तमान में आजम खान पर कई मुकदमें अदालत में चल रहे हैं. इनमें से कई में वह बरी हो चुके हैं और कई मुकदमों में फैसला आना बाकी है. इसी कड़ी में रामपुर में आजम खां को सेना पर विवादित बयान देने के आठ साल पुराने मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है. 

कोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान को इस मामले में बरी कर दिया. आजम खान की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये से कराई गई. यह मुकदमा भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जून 2017 को सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराया था. आरोप था कि आजम खान ने सेना के बारे में विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ यह केस बनाया गया.

इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही थी. सभी तथ्यों और बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आजम खान को इस केस में बरी करने का फैसला सुनाया. आगामी पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव को मद्देनजर आजम खान की रिहाई समाजवादी पार्टी के लिए खास है. 

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बता दें, आजम खान को रामपुर की एमपी एएमएल कोर्ट ने जिस केस से बरी किया है, मामला साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक चुनावी सभा के दौरान कथित तौर पर भारतीय सेना के जवानों पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. 8 साल तक चले इस केस में अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले.

इस मामले में 30 जून 2017 को बीजेपी नेता और मौजूदा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के मुताबिक, आजम खान ने समाजवादी पार्टी के दफ्तर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और यूपी सरकार की आलोचना की और कथित तौर पर सेना के जवानों के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की. जांच के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. 

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आजम खान के वकील मोहम्मद आरफीन ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित थे. उन्होंने कहा,"आरोप ये था कि आजम खान ने सेना के बारे में विवादित और आपत्तिजनक बयान दिया था, जो सैनिकों का अपमान बताने की कोशिश की गई. आज अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है, जिससे साबित हुआ कि कोई ठोस सबूत नहीं थे."

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