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Uttar Pradesh News Today: कहावात है कि केंद्र की सत्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती है. बिहार में विधानसभा चुनाव है, लेकिन सबकी निगाहें देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सियासत पर टिकी है. गुरुवार (6 नवंबर) को समाजादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मिलने पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी पहुंचे. इस मौके पर उनके साथ विधायक सुहैब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी भी मौजूद रहे.
समाजवादी पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक आजम खान लखनऊ के लालबाग स्थित एक निजी होटल में ठहरे हुए हैं, जहां उनसे मिलने कई दिग्गज नेता पहुंच रहे हैं. इससे पहले आजम खान से मुलाकात करने के लिए पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र भी होटल पहुंचे और मुलाकात की. आजम खान, लगभग 34 माह बाद जेल से छूटे हैं. उनसे मिलने के लिए लगातार अलग-अलग पार्टी के सियासी दिग्गज पहुंच रहे हैं. इन मुलाकातों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
मीडिया से बातचीत में आजम खान ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और बिहार चुनाव समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. बिहार जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "जंगल राज में वही लोग गए हैं जिनके पास जानवरों और जंगलियों के लिए हथियार हैं. मेरे पास कोई सुरक्षा नहीं है." सपा नेता ने बिहार में जंगलराज वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "ये तौहीन है कि हम किसी राज्य को जंगलराज कहें और वहां रहने वालों को जंगली कहें."
चुनाव आयोग के जरिये विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किए जाने को लेकर आजम खान का बड़ा सामने आया. उन्होंने कहा, "SIR को लेकर और क्या कहें, कोई सुनने वाला नहीं है? क्या हम मान्यताएं इतनी खो चुके हैं कि संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट को बोलना पड़ा."आजम खान ने कहा, "SIR को लेकर कभी ऐतराज नहीं था और आज भी ऐतराज नहीं है. परेशानी सिर्फ टाइमिंग को लेकर है. हम लोग वोट पढ़वाने और डलवाने के त्योहार की तरह देखते हैं. हमारी टीम लगती है, कोई मनमुटाव नहीं होता है. पता ही नहीं चलता था कि कब वोट बढ़ गया और कब कट गया."
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर आजम खान ने कहा, "वह बड़े नेता हैं, मैं क्या बोलूं." वहीं, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के विवादित नेताओं में से एक गिरिराज सिंह को आजम खान ने आड़े हाथों लिया. आजम खान ने कहा, "उन्होंने पाकिस्तान नहीं, बिहार पर जवाब दिया. वो मासूम हैं, हम उनकी बात को सीरियस नहीं लेते. किस-किस बात का बुरा मानें."