Atiqa Mir Valencia Motorsport Race: स्पेन के वालेंसिया में 11 साल की अतीका मीर ने COTFA कार्टिंग सीरीज के यूरोपीय स्टेज में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया. वह इस प्रतिष्ठित सीरीज में पोडियम पर पहुंचने वाली पहली भारतीय ड्राइवर बनीं. फाइनल में फास्टेस्ट लैप लगाने के बावजूद पेनल्टी से तीसरे स्थान पर रहीं. श्रीनगर की रहने वाली अतीका की यह कामयाबी कई मायनों में खास है.
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Indian Muslim Girl Atiqa Mir in Europe Motorsport Race: स्पेन के वालेंसिया से भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए ऐतिहासिक और फख्र करने वाली खबर सामने आई है. वालेंसिया में सिर्फ 11 साल की अतीका मीर ने अपने जज्बे, रफ्तार और बेखौफ ड्राइविंग से यूरोप की सरजमीन पर इतिहास रच दिया. उन्होंने चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर अकादमी (COTFA) कार्टिंग सीरीज के यूरोपीय स्टेज में पोडियम पर जगह बनाकर भारत का तिरंगा लहराया.
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर की रहने वालीं अतीका मीर की यह कामयाबी कई मायनों में खास है. अतीका मीर ने COTFA सीरीज के ओपनिंग राउंड के फाइनल में तीसरा स्थान हासिल किया. इस उपलब्धि के साथ वह यूरोप में आयोजित इस प्रतिष्ठित और कड़े मुकाबले वाली सीरीज में पोडियम पर पहुंचने वाली पहली भारतीय ड्राइवर बन गईं. मिनी कैटेगरी से OKNJ (जूनियर) वर्ग में कदम रखने के बाद यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है.
अतीका F1 अकादमी का समर्थन पाने वाली पहली भारतीय ड्राइवर हैं. पूरे वीकेंड के दौरान उन्होंने जबरदस्त फॉर्म दिखाई और फाइनल में सबसे तेज लैप पूरा किया. क्वालीफाइंग राऊंड में वह पोल पोजिशन की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन फ्लाइंग लैप के आखिरी मोड़ पर एक स्लो ड्राइवर की वजह से उन्हें ग्रिड पर नौवें स्थान से शुरुआत करनी पड़ी.
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इसके बाद जो हुआ, वह उनकी जुझारू मानसिकता की मिसाल है. रेस 1 में उन्होंने आक्रामक अंदाज में वापसी करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया. रेस 2 में उन्होंने रफ्तार और नियंत्रण का शानदार मेल दिखाते हुए दूसरा स्थान अपने नाम किया. इन प्रदर्शनों के दम पर उन्हें फाइनल रेस में तीसरे स्थान से शुरुआत करने का मौका मिला.
15 लैप की फाइनल रेस सुपर फास्ट लुकास गुएरेरो सर्किट पर हुई, जो ड्राइवरों के जज्बा और सहनशक्ति की असली परीक्षा मानी जाती है. शुरुआत से ही अतीका ने दूसरा स्थान बनाए रखा और लीडिंग ग्रुप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुकाबला किया. आखिरी लैप में उन्होंने मशहूर चिकेन पर बाहर की ओर से साहसिक ओवरटेक की कोशिश की और ट्रैक पर दूसरा स्थान हासिल कर लिया. हालांकि, पोस्ट-रेस पेनल्टी के चलते उन्हें आधिकारिक नतीजों में तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा.
वीकेंड के दूसरे दिन भी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. क्वालीफाइंग में एक स्लो ड्राइवर ने उनके फ्लाइंग लैप को प्रभावित किया. उनका अनुमानित समय पोल पोजिशन के लिए काफी था, लेकिन उन्हें सातवें स्थान से शुरुआत करनी पड़ी. रेस 1 में उन्हें ट्रैक से बाहर धकेल दिया गया, फिर भी उन्होंने वापसी कर नौवां स्थान हासिल किया. रेस 2 में उन्होंने जीत दर्ज की, लेकिन एक अन्य ड्राइवर से टच होने की वजह से पोस्ट-रेस पेनल्टी ने उन्हें उस जीत से वंचित कर दिया.
रेस के बाद अतीका ने कहा, "यह शानदार रेस थी. आगे की रफ्तार बहुत तेज थी और मैं आखिरी कॉर्नर तक लड़ती रही. मैं तीसरे स्थान से संतुष्ट नहीं होना चाहती थी, इसलिए आखिरी मोड़ पर जोखिम लिया. जैसा कि एर्टन सेना ने कहा था, अगर आप मौजूद गैप के लिए कोशिश नहीं करते तो आप रेसिंग ड्राइवर नहीं हैं." उन्होंने कहा, "जोखिम था, लेकिन कामयाब रहा. पोडियम पर भारत का झंडा देखना मेरे और देशवासियों के लिए फख्र का लम्हा है."
इस मौके पर अतीका मीर के वालिद आसिफ मीर बेटी की कामयाबी पर खुशी का इजहार किया है. वालिद आसिफ मीर भारत के पहले नेशनल कार्टिंग चैंपियन भी रहे हैं. उन्होंने कहा, "इस सीरीज में OKNJ कैटेगरी में उनका डेब्यू शानदार रहा. उन्हें जूनियर कार्ट में इस सर्किट पर बहुत कम अभ्यास सत्र मिले थे. रफ्तार बेहतरीन थी, लेकिन पोस्ट-रेस पेनल्टी की वजह से टॉप पोजीशन नहीं मिल सका. मुझे इससे कोई परेशानी नहीं, जब तक वह ऐसे दमदार ओवरटेक करती रहें."
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