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Himachal Pradesh News Today: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड में नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. यह नियुक्ति करीब तीन साल बाद हुई है. सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सिरमौर जिले के पांवटा साहिब निवासी मोहम्मद नासिर रावत को वक्फ बोर्ड का अंतरिम अध्यक्ष बनाया है. सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नासिर रावत अब वक्फ बोर्ड के कामों की देखरेख करेंगे और नए सदस्यों की नियुक्ति होने तक अपने पद की जिम्मेदारी निभाएंगे.
राज्य में वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष पद लंबे समय से खाली पड़ी थी. पिछले कार्यकाल की समाप्ति के बाद से बोर्ड के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी सरकार के अधीन चल रही थी. अब नासिर रावत की नियुक्ति के साथ मुस्लिम समुदाय से जुड़े धार्मिक और सामाजिक कामों को तेजी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
राज्य सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड में नई नियुक्ति करते हुए पांवटा साहिब के नासिर मोहम्मद रावत को अंतरिम अध्यक्ष बनाया है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि नासिर रावत फिलहाल वक्फ बोर्ड के कामों की जिम्मेदारी संभालेंगे. सरकार के जरिये जारी नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया है कि 14 दिसंबर 2022 को जारी पिछले आदेश के तहत हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया गया था.
अब नई नोटिफिकेशन के जरिये से बोर्ड को दोबारा एक्टिव किया गया है और इसके अंतरिम अध्यक्ष के रूप में नासिर मोहम्मद रावत को कार्यभार सौंपा गया है. राज्य सरकार ने कहा है कि नासिर रावत की यह नियुक्ति अंतरिम तौर पर की गई है, जबकि उनके रेग्युलर अपॉइंटमेंट की नोटिफिकेशन बाद में अलग आदेश के जरिए जारी की जाएगी.
हालांकि, वक्फ बोर्ड में अभी अन्य सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जल्द ही बोर्ड के बाकी सदस्यों के नामों पर भी फैसला ले सकती है. फिलहाल अध्यक्ष पद पर नियुक्ति होने से वक्फ बोर्ड के रूके काम शुरू हो जाएंगे. पांवटा साहिब के रहने वाले नासिर रावत लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. उन्हें स्थानीय स्तर पर एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है.
वहीं, हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब मुस्लिम समुदाय के लोगों को हज कमेटी में होने वाली नियुक्तियों का इंतजार है. राज्य में हज कमेटी के गठन को लेकर भी कई महीनों से चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक इस पर सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.