Superfoods in Islam: चार ऐसे फूड्स जिनका कुरान और हदीस में जिक्र किया गया है. इन्हें खाने के खूब फायदे हैं. आज हम आपको इनके बारे में जानकारी देने वाले हैं. तो आइये जानते हैं.
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Superfoods in Islam: इस्लाम न सिर्फ एक मज़हब है बल्कि अन्य धर्मों की तरह ये भी ज़िंदगी जीने का एक तरीका है. कुरान की आयतें और हदीस न सिर्फ ज़िंदगी के हर पहलू को अच्छे से जीने का तरीका बताती हैं, बल्कि खान-पान की चीजों का भी जिक्र करती है. कुरान और हदीस में ऐसा खाना खाने की सलाह दी जाती है जो न सिर्फ फिजिकल हेल्थ, बल्कि स्प्रीचुअल हेल्थ भी बेहतर करने का काम करते हैं. पूरा अरब जगत इन सुपर फ़ूड का भरपूर इस्तमाल करता है, जिससे वो काफी फिर रहते हैं.
आज हम आपको ऐसे सुपरफूड्स के बारे में बताने वाले हैं जिनका जिक्र कुरान और हदीस में मिल जाता है. कहा जाता है कि इन्हें खाने से न सिर्फ शरीर हेल्दी रहता है, बल्कि रूहानी पाकीज़गी भी मिलती है. आखिर वह कौनसे फूड्स हैं? तो आइये जानते हैं.
कुरान में खजूर का जिक्र 22 बार किया गया है. सहाबा जब जंग पर जाया करते थे तो अपने साथ खजूर ले लिया करते थे. जन्नत में खजूरों के पेड़ों का जिक्र है. ऐसा कहा जाता है कि 6 खजूर में सम्पूर्ण भोजन जितनी ताकत मिलती है. इस बात को साइंस भी बखूबी प्रूफ करता है. खजूर आयरन, पोटाशियम, कार्बोहाइड्रेट, और दूसरे कई न्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत होता है.
- जिन लोगों का हीमोग्लोबिन लेवल कम रहता है या फिर कमजोरी रहती है उनके लिए खजूर बेहतरीन स्रोत है.
- हाई बीपी पेशेंट्स भी खजूर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. ये पोटाशियम का अच्छा स्रोत है.
- खजूर के laxative की तरह भी काम करता है. जो आपके पेट को साफ रखकर दिनभर ताजगी का एहसास दिलाता है.
शहद को कुरान में इलाज करने वाला और जन्नत का पेय बताया गया है. कुरान की सूरह अल नहल में लिखा है कि हम तुम्हे मधुमक्खी के पेट से शहद देते हैं, जिसमें इंसानियत के लिए शिफा है. इसके अलावा भी कुरान में कई जगहों पर शहद का जिक्र होता है.
वर्ल्ड वॉर 2 में रूस के जवान अपने जख्म को भरने के लिए शहद का इस्तेमाल किया करते थे. ऐसा भी माना जाता है कि जली हुई जगह पर शहद दवाई की तरह काम करता है.
- दुनिया के कई हिस्सों में आज भी शहद को एंटीसेप्टिक लिक्विड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
- शहद में विटामिन-के अच्छी मात्रा में मिलता है.
- शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रॉपर्टीज मिलती हैं.
- स्किन पर लगाने से यह रंगत बेहतर करता है और स्किन को डैमेज होने से बचाता है.
- इसे एक तरह से सुपर फ़ूड माना गया है, जो सभी विटामिन्स और मिनिरल्स की कमी पूरी कर देता है.
पैगंबर मोहम्मद (स.अ) ने फरमाया है कि मौत के अलावा कलौंजी आपकी हर बीमारी का इलाज है. सही अल बुखारी की हदीस है, खालिद बिन सईद कहते हैं कि हम निकले और ग़ालिब बिन अबजर हमारे साथ थे. रास्ते में उनकी तबियत खराब हो गई और जब हम मदीना पहुँचे तो उनकी तबियत वैसी ही थी. इब्न अबी अतीक उनसे मिलने आए और हमसे कहा कि उनका इलाज ब्लैक सीड्स से करो. पांच या सात बीज लेकर उन्हें पीस लो (चूर्ण को तेल में मिला लो) और इस मिश्रण को दोनों नथुनों में डालो, क्योंकि आयशा ने मुझे बताया है कि उन्होंने पैगंबर (स.अ) को यह कहते सुना था, 'यह काला जीरा अस-सम के अलावा सभी बीमारियों को ठीक करता है.' आयशा ने कहा, 'अस-सम क्या है?' उन्होंने कहा, 'मौत.'
- ऐसा देखा गया है कि ब्लैक सीड्स यानी कलौंजी हार्मोनल इंबैलेंस को सही करने का काम करती हैं.
- जिन महिलाओं को पीसीओएस या पीसीओडी की समस्या है उनके लिए भी कलौंजी बेहतरीन चीज है.
- इसे जैतून के तेल में मिलाकर लगाया जाए तो यह दर्द और नजले की समस्या को सही करने का काम करती है.
कुरान में जैतून का जिक्र 7 बार आया है. ये दिखाता है कि इस्लाम में इसकी कितनी एहमियत है. सुरह अल अनाम, जिसका गूगल ट्रांसलेशन कुछ इस तरह है- "और वही है जो बाग़ उगाता है, जालीदार और बिना जाली वाले, और खजूर और तरह-तरह की खाने की चीज़ें और जैतून और अनार, एक जैसे और एक जैसे नहीं. जब उनका फल आए तो उनमें से खाओ और कटनी के दिन उसका हक़ अदा करो. और ज़रूरत से ज़्यादा न करो. बेशक, वह ज़रूरत से ज़्यादा करने वालों को पसंद नहीं करता."
पैगम्बर मोहम्मद (स.अ) फरमाते हैं,"जैतून का तेल खाओ और इसे अपने बालों और त्वचा पर लगाओ, क्योंकि यह एक मुबारक दरख्त से आता है." (अल-तिर्मिज़ी, 1775)
- जैतून का तेल कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं होने देता है. ये गुड फैड का अच्छा स्रोत है.
- जैतून स्किन में निखार लाने का काम करता है और जोड़ों के दर्द के लिए भी काफी फायदेमंद है.
- जैतून का तेल स्किन पर लगाने से इसमें चमक आती है और तरह-तरह की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है.