Sambhal Jama Masjid: संभल की एक अदालत ने शाही जामा मस्जिद के एएसआई सर्वेक्षण का आदेश दिया था, इस आदेश के बाद एएसआई की टीम मस्जिद का सर्वे करने पहुंची थी. इस दौरान हिंसा भड़क गई और 4 लोगों की मौत हो गई.
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Sambhal Jama Masjid: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद की दीवारों पर रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया गया था.
मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है. देश के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी और मुस्लिम पक्ष की तमाम दलीलें सुनने के बाद इस पीठ ने कहा कि अगर यह आदेश भ्रमित करने वाला है तो हाईकोर्ट जाएं और अपना भ्रम दूर कर स्थिति स्पष्ट करें. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 12 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएसआई को संभल स्थित शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों की पुताई करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि ASI संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से की पुताई कराए. इस काम पर आने वाले खर्च की भरपाई मस्जिद कमेटी करे. इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई ने मस्जिद के बाहरी हिस्से की पेंटिंग करवाई, जिसका खर्च मस्जिद कमेटी ने उठाया.
मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका
मुस्लिम पक्ष के वकील वरुण सिन्हा ने हाईकोर्ट के इस फैसले को भ्रामक बताया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि आप पहले हाईकोर्ट जाएं और उनसे हाईकोर्ट के आदेश में भ्रामक बातें हटाने के लिए कहें. इस टिप्पणी के बाद कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इस याचिका को खारिज कर रहे हैं.
शाही जामा मस्जिद पर बवाल क्यों
संभल की एक अदालत ने शाही जामा मस्जिद के एएसआई सर्वेक्षण का आदेश दिया था, इस आदेश के बाद एएसआई की टीम मस्जिद का सर्वेक्षण करने पहुंची थी. इस दौरान हिंसा भड़क गई और 4 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद से संभल में बवाल मचा हुआ है. प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और धारा 144 लगा दी है.